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कोरोना का असर: मनाली के होटल बंद, 80 फीसदी स्टाफ घर रवाना

Tue, 31 Mar 2020 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू
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बजौरा में वाहनों की चैकिंग करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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पर्यटन नगरी मनाली के करीब दो हजार होटलों में ताले लटक गए हैं। 80 फीसदी कर्मचारी छुट्टी पर घर भेज दिए गए हैं। कई कर्मचारी मनाली से पैदल घर रवाना हो रहे हैं। वहीं धार्मिक नगरी मणिकर्ण तथा कसोल में भी पर्यटन गतिविधियों के बंद होने से पर्यटन से जुड़े कई लोग फंसे हुए हैं। एक हफ्ते से भी अधिक समय से यहां फंसे हुए हैं। सोमवार को भी कई लोग पैदल अपने घर की और पैदल जा रहे थे जिन्हें कुल्लू पुलिस ने वापस भेज दिया है।

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बताया जा रहा है कि अधिक युवा वर्ग मनाली और कुल्लू में होटल और कुल्लू व ढाबों में काम करते हैं। हालांकि मनाली के होटलों को बंद करने का निर्णय लॉकडाउन से दो दिन पहले का लिया गया है। ऐसे में करीब 80 फीसदी कर्मचारी पहले ही अपने घर रवाना हो गए थे। बाद में लॉकडाउन होने से कई कर्मचारी यहां फंस गए हैं। होटल मालिकों और संचालकों की ओर से होटल कर्मचारियों के ठहरने और खाने की सभी इंतजाम करने का दावा किया जा रहा है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से रोज 80 से 100 ऐसे युवा मनाली से पैदल अपने घर की तरफ की जा रहे हैं।

इसमें ज्यादातर कर्मचारी कुल्लू जिला के बंजार, खराहल, लगवैली, सैंज, आनी आदि इलाकों से हैं। वहीं कुछ लोग मंडी और शिमला जिला के भी रहने वाले है। उमेश कुमार, मोहिंद्र लाल, राज कुमार, ललित कुमार, अजय कुमार, भीम देव, मुकेश कुमार, चंद्रेश, गीतानंद, तारा चंद, विशाल कुमार, मोहर सिंह ठाकुर तथा प्रकाश समेत कई लोग मनाली और मणिकर्ण में फंसे हुए हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से गुहार लगाई है कि उन्हें अपने-अपने घर के लिए भेजा जाए। 
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होटल एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष अनूप राम ठाकुर ने कहा कि जो कर्मचारी होटलों में है उन्हें पूरी सुविधा दी जा रही है। पुलिस अधीक्षक कुल्लू गौरव सिंह ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अब दूसरे जिले के लिए नहीं जा सकेगा। उन्होंने सभी लोगों से कोरोना को लेकर लगाए कर्फ्यू को सही ढंग से पालन करने की अपील की है। 

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