हिमाचल प्रदेश में कीटनाशकों की दुकानें भी खुली रहेंगी। इसे बागवानों को बड़ी राहत मिली है। मुख्य सचिव अनिल कुमार खाची की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। इन दिनों हिमाचल में सेब के पेड़ों पर गुलाबी कली की अवस्था है। इस दौरान कई तरह के छिड़काव होते हैं। इनमें बोरिक एसिड की सप्लाई होती है। इसके अलावा थ्रिप्स कीट को मारने के लिए कीटनाशक का भी इस्तेमाल होता है। प्रदेश के कई बागवानों की ओर से इस मांग को सरकार के समक्ष उठाया गया है। सरकार ने व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है कि करियाने की दुकानों, मेडिकल स्टोरों आदि की तरह ही कीटनाशकों की दुकानें भी खुली रहेंगी।
प्रदेश में सैनिटाइजर की कमी नहीं
मुख्य सचिव अनिल कुमार खाची ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कहीं भी सैनिटाइजर की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों में सैनिटाइजर का खूब उत्पादन होने वाला है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भी सैनिटाइजर के डीलर काफी मात्रा में उत्पादन की बात कर रहे हैं। ऐसे में खंड विकास अधिकारियों और ग्राम पंचायतों को खुद संपर्क कर इनका प्रबंध करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार सुनिश्चित करेगी कि हर पंचायत में सैनिटाइजर पहुंचे। मुख्य सचिव ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में स्थिति पूरी तरह तरह से नियंत्रण में है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घरों पर रहे कम से कम बाहर निकले। मुख्य सचिव अनिल कुमार खाची ने कहा कि जरूरी वस्तुओं के लिए गाड़ियों का इस्तेमाल करने पर कोई रोक नहीं है। शर्त यह रहेगी कि ऐसी वस्तु छूट की श्रेणी में आए।