हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं महासंघ ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए सचिवालय में अधिक संख्या में अफसरों और कर्मचारियों को बिठाकर ली जाने वाली बैठकें न करने की मांग की है। महासंघ ने कैंटीन में भी बाहरी लोगों की एंट्री पर रोक लगाने को कहा है। गुरुवार को महासंघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने सचिवालय प्रशासन विभाग के सचिव से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। राजपत्रित अधिकारी संघ के अध्यक्ष कुलतार राणा, ड्राइवर एसोसिएशन के महासचिव सुकरदीन मस्ताना और क्लास फोर एसोसिएशन के अध्यक्ष टेक राम ने सचिव देवेश कुमार को सौंपे ज्ञापन में बाहरी लोगों के सचिवालय प्रवेश पर पूर्ण रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को सख्ती बरतनी चाहिए। महासंघ ने सचिवालय में काफी अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को साथ बिठाकर होने वाली बैठकों को भी रद्द करने की मांग की। देखा जा रहा है कि सचिवालय के मुख्य गेट पर 10:30 बजे के बाद स्क्रीनिंग नहीं हो रही है। उन्होंने इसको लेकर भी सख्ती बरतने की मांग की।
सचिवालय में अपने काम से संबंधित पूछताछ के लिए आने वाले लोगों की सुविधा के लिए रिसेप्शन पर एक कर्मचारी को कंप्यूटर के साथ नियुक्त करना चाहिए, जहां सचिवालय में प्रवेश किए बिना ही इन लोगों को जानकारी उपलब्ध करवा दी जाए। कर्मचारी संगठनों ने सचिवालय की कैंटीन में बाहरी लोगों के आने पर पूर्ण रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कैंटीन के वेटर अधिकारियों और कर्मचारियों के कमरों में भी चाय उपलब्ध ना करवाएं। आईजीएमसी में विभिन्न तरह के टेस्ट करवाने के लिए अधिक लोगों की भीड़ जमा न हो, इसके लिए राज्य सचिवालय में किसी लैब को क्लेक्शन सेंटर बनाने की मंजूरी दी जानी चाहिए। अगर सचिवालय का कोई अधिकारी पॉजिटिव पाया जाता है तो उसके स्टाफ को भी क्वारंटीन करने की व्यवस्था होनी चाहिए। कर्मचारी संगठनों ने सचिवालय में खुली कुछ दुकानों का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के खत्म होने तक इन दुकानों को बंद कर देना चाहिए।