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कोरोना: शिमला में सीएम आवास और सचिवालय से लिए गए 56 सैंपल निगेटिव

Thu, 23 Jul 2020 08:44 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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सचिवालय में आने वालों की थर्मल स्कैनिंग की गई। - फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री कार्यालय के उपसचिव के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद सीएम जयराम ठाकुर के निजी निवास स्थान ओकओवर और राज्य सचिवालय स्थित उनके स्टाफ के लिए सभी 56 सैंपल निगेटिव आए हैं। उधर, मंडी में भाजपा नेता के संपर्क में आने वाले अतिरिक्त महाधिवक्ता, उनकी पत्नी और बेटा पॉजिटिव पाए गए हैं जबकि उपायुक्त समेत 359 अन्य लोगों के सैंपल लिए गए हैं। कोरोना पॉजिटिव उपसचिव में कोई लक्षण नहीं हैं, उनका स्वास्थ्य ठीक है। सीएम आवास, राज्य सचिवालय के अलावा हाईकोर्ट और अन्य भवनों को भी सैनिटाइज किया गया। मुख्य सचिव अनिल कुमार खाची ने बताया कि पूरे सचिवालय को सील नहीं किया जाएगा।

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निगेटिव रिपोर्ट आने वालों में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जेसी शर्मा, प्रधान निजी सचिव आरएन बत्ता, सचिव देवेश कुमार, प्रेस सचिव राजेश शर्मा, मुख्यमंत्री के ओएसडी महेंद्र सिंह धर्माणी, सीएम के सलाहकार त्रिलोक जम्वाल, सीएम के आईटी प्रबंधक किशोर शर्मा, सीएम कार्यालय के निजी सचिव रमन आदि शामिल हैं। हालांकि सभी होम क्वारंटीन हैं। पांच दिन बाद इनके दोबारा टेस्ट लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय के स्टाफ के संपर्क में आए कई अधिकारियों और कर्मचारियों के वीरवार को भी सैंपल लिए गए। उधर, होम क्वारंटीन होने के बावजूद मुख्यमंत्री ने दून विधानसभा क्षेत्र में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से 208 करोड़ रुपये लागत की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए।

खुल जाएगा उद्योग निदेशालय, निदेशक सहित आठ के लिए सैंपल
 मुख्यमंत्री के उपसचिव के कोरोना संक्रमित निकलने के बाद वीरवार को बंद रखा उद्योग निदेशालय शुक्रवार को खुल जाएगा। बुधवार रात और गुरुवार सुबह निदेशालय को सैनिटाइज किया गया। मुख्यमंत्री के उप सचिव के पास उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक का जिम्मा भी है। एहतियात के तौर पर गुरुवार को उद्योग निदेशक सहित निदेशालय के आठ अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के सैंपल भी लिए गए। ये सभी छह दिन होम क्वारंटीन पर हैं।

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सचिवालय में रद्द की जाएं बड़ी बैठकें

हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं महासंघ ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए सचिवालय में अधिक संख्या में अफसरों और कर्मचारियों को बिठाकर ली जाने वाली बैठकें न करने की मांग की है। महासंघ ने कैंटीन में भी बाहरी लोगों की एंट्री पर रोक लगाने को कहा है। गुरुवार को महासंघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने सचिवालय प्रशासन विभाग के सचिव से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। राजपत्रित अधिकारी संघ के अध्यक्ष कुलतार राणा, ड्राइवर एसोसिएशन के महासचिव सुकरदीन मस्ताना और क्लास फोर एसोसिएशन के अध्यक्ष टेक राम ने सचिव देवेश कुमार को सौंपे ज्ञापन में बाहरी लोगों के सचिवालय प्रवेश पर पूर्ण रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को सख्ती बरतनी चाहिए। महासंघ ने सचिवालय में काफी अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को साथ बिठाकर होने वाली बैठकों को भी रद्द करने की मांग की। देखा जा रहा है कि सचिवालय के मुख्य गेट पर 10:30 बजे के बाद स्क्रीनिंग नहीं हो रही है। उन्होंने इसको लेकर भी सख्ती बरतने की मांग की।

सचिवालय में अपने काम से संबंधित पूछताछ के लिए आने वाले लोगों की सुविधा के लिए रिसेप्शन पर एक कर्मचारी को कंप्यूटर के साथ नियुक्त करना चाहिए, जहां सचिवालय में प्रवेश किए बिना ही इन लोगों को जानकारी उपलब्ध करवा दी जाए। कर्मचारी संगठनों ने सचिवालय की कैंटीन में बाहरी लोगों के आने पर पूर्ण रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कैंटीन के वेटर अधिकारियों और कर्मचारियों के कमरों में भी चाय उपलब्ध ना करवाएं। आईजीएमसी में विभिन्न तरह के टेस्ट करवाने के लिए अधिक लोगों की भीड़ जमा न हो, इसके लिए राज्य सचिवालय में किसी लैब को क्लेक्शन सेंटर बनाने की मंजूरी दी जानी चाहिए। अगर सचिवालय का कोई अधिकारी पॉजिटिव पाया जाता है तो उसके स्टाफ को भी क्वारंटीन करने की व्यवस्था होनी चाहिए। कर्मचारी संगठनों ने सचिवालय में खुली कुछ दुकानों का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के खत्म होने तक इन दुकानों को बंद कर देना चाहिए।
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