वहीं, कर्फ्यू के दौरान घर पहुंचने की जिद में करीब आधा दर्जन लोग तीन सौ किमी दूर जंजैहली से पठानकोट अपने घर के लिए पैदल ही निकल पड़े। लेकिन दो दिन का सफर तय करने के बाद जोगिंद्रनगर पहुंचते ही उनकी तबीयत बिगड़ गई। सूचना मिलते ही प्रशासन ने सभी को खाना खिलाया और उन्हें आगे पैदल न जाने की हिदायत देते हुए रहने का इंतजाम भी किया है।
मंडी जिला के जंजैहली से पठानकोट की ओर पैदल रवाना हुए पंजाब के गुरदासपुर के निवासी तरसेम कुमार, रवि, राजकुमार, राजीव ने बताया कि कर्फ्यू में फंस जाने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई तो वह 24 मार्च को ही पैदल घर के लिए रवाना हुए। लेकिन दो दिन के बाद जोगिंद्रनगर पहुंचने पर उनकी हालत बिगड़ गई और स्थानीय प्रशासन से जब सहायता मांगी तो उन्होंने सबसे पहले उनके खाने और रहने की व्यवस्था कर राहत पहुंचाई।
अब आवश्यक वस्तुओं के वाहनों में उन्हें घर भेजने का भरोसा दिलाया है। इसी प्रकार मध्यप्रदेश और बंगाल राज्य के लोगों को भी प्रशासन रेस्क्यू कर खाद्य सामग्री उपलब्ध करवा रहा है। उधर, सरकाघाट मार्ग पर गरोडू के नजदीक कालका के निवासी दो ट्रक चालकों के लिए भी प्रशासन यथासंभव सहायता उपलब्ध करवा रहा है। एसडीएम अमित मैहरा ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने पैदल मीलों दूर अपने घरों की तरफ कूच कर रहे लोगों से अपील की है कि जहां हैं, वहीं पर रहें। इसी में भलाई है। प्रशासन रहने और खाने की व्यवस्था करेगा।