फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोविड-19 से निपटने को एक दिन का वेतन सरकार को देंगे विभिन्न शिक्षक संघ, जल रक्षक

Wed, 25 Mar 2020 03:46 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

वैश्विक महामारी कोविड-19 से निपटने को प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संगठन अपना एक दिन का वेतन सरकार को देंगे। सीएंडवी अध्यापक ने कोरोना वायरस की इस महामारी से निपटने को सॉलिडेरिटी फंड में वेतन देने का फैसला लिया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष चमनलाल शर्मा ने बताया कि इस संकट की घड़ी तथा वैश्विक आपदा से निपटने के लिए संघ सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।

विज्ञापन


संघ का प्रदेशवासियों से भी आग्रह है कि वे लॉकडाउन तथा कर्फ्यू का कड़ाई से पालन करें। इस जंग को जीतने के लिए अपने तथा अपने परिवार की सुरक्षा के लिए हमें अपने घर में रहकर सरकार के आदेशों की कड़ाई से पालना करना होगा। 

उन्होंने बताया कि प्रदेश के 18000 सीएंडवी अध्यापक एक दिन का वेतन देंगे। उधर, राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने भी सभी शिक्षकों से अपना एक दिन का वेतन इस फंड में देने की अपील की है।
विज्ञापन


पीजीटी संघ के प्रदेश अध्यक्ष चितरंजन कालटा ने भी 11 हजार की राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में देते हुए अन्य शिक्षकों से भी इस आपदा के समय सरकार का सहयोग करने की अपील की है। शिक्षा मंत्री के ओएसडी डॉ. मामराज पुंडिर ने भी 6100 रुपये का सहयोग दिया है।

विज्ञापन

कोरोना वायरस पूरे विश्व के साथ भारत में सभी जगह फैलना शुरू हो गया है। हिमाचल भी इससे अछूता नहीं रहा है। प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र सिंह ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में जल रक्षक सरकार के साथ खड़े हैं। लोगों तक पानी पहुंचाने का कार्य पूरी जिम्मेदारी से निभाएंगे। जल रक्षकों को खुद को भी कोरोना बचाना है और औरों को भी सुरक्षित रखना है।

जल रक्षकों का एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष देने का निर्णय लिया गया है। इसमें 5140 जल रक्षकों का लगभग 5 लाख से ऊपर पैसा जमा हो जाएगा। जो जरूरतमंद और आपदा से निपटने के लिए खर्च किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि समय बहुत कम है किसी के संपर्क में आने से बचें, किसी भी वस्तु को छूने के बाद हाथ मुंह के पास न जाने दें जब तक आप हाथ नहीं धो लेते।

इस संकट की घड़ी में हम सरकार के साथ हैं। सभी को जागरूक करेंगे। सरकार को भी हमारी सुरक्षा के लिए कुछ इंतजाम करने होंगे। स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में अमेरिका नंबर एक पर और इटली नंबर दो पर हैं, लेकिन कोरोना के आगे उनके हाथ खड़े हो गए तो हमारा भारत तो 112 नंबर पर आता है। 

रविंद्र ने कहा कि इसके लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को पत्र लिखकर जल रक्षकों का एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष देने का निर्णय लिया है। 5140 जल रक्षकों का लगभग 5 लाख से ऊपर पैसा जमा हो जाएगा। यह जरूरतमंद और इस आपदा से निपटने में खर्च किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें