कोरोना वायरस पूरे विश्व के साथ भारत में सभी जगह फैलना शुरू हो गया है। हिमाचल भी इससे अछूता नहीं रहा है। प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र सिंह ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में जल रक्षक सरकार के साथ खड़े हैं। लोगों तक पानी पहुंचाने का कार्य पूरी जिम्मेदारी से निभाएंगे। जल रक्षकों को खुद को भी कोरोना बचाना है और औरों को भी सुरक्षित रखना है।
जल रक्षकों का एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष देने का निर्णय लिया गया है। इसमें 5140 जल रक्षकों का लगभग 5 लाख से ऊपर पैसा जमा हो जाएगा। जो जरूरतमंद और आपदा से निपटने के लिए खर्च किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि समय बहुत कम है किसी के संपर्क में आने से बचें, किसी भी वस्तु को छूने के बाद हाथ मुंह के पास न जाने दें जब तक आप हाथ नहीं धो लेते।
इस संकट की घड़ी में हम सरकार के साथ हैं। सभी को जागरूक करेंगे। सरकार को भी हमारी सुरक्षा के लिए कुछ इंतजाम करने होंगे। स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में अमेरिका नंबर एक पर और इटली नंबर दो पर हैं, लेकिन कोरोना के आगे उनके हाथ खड़े हो गए तो हमारा भारत तो 112 नंबर पर आता है।
रविंद्र ने कहा कि इसके लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को पत्र लिखकर जल रक्षकों का एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष देने का निर्णय लिया है। 5140 जल रक्षकों का लगभग 5 लाख से ऊपर पैसा जमा हो जाएगा। यह जरूरतमंद और इस आपदा से निपटने में खर्च किया जाएगा।