राजधानी स्थित डीडीयू अस्पताल में प्लास्टर असिस्टेंट के पद पर तैनात राजपाल अन्य लोगों के लिए मिसाल बन गए हैं। 61 साल की उम्र में जब टीका लगाने के लिए इन्हें एसएमएस आया तो अन्य लोगों ने इन्हें टीका न लगाने की सलाह दी। कहा कि पहले वह अन्य लोगों को लगने दें। लेकिन स्वास्थ्य कर्मचारी होने के नाते उन्होंने न केवल वैक्सीनेशन लांचिंग के दिन डीडीयू अस्पताल आकर अपना टीकाकरण करवाया बल्कि लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गए। राजपाल ने बताया कि वह टीकाकरण कर अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। टीकाकरण के बाद उन्हें किसी भी तरह की तकलीफ नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि वह सभी लोगों से आह्वान करते हैं कि वे अपना टीकाकरण करवाएं और इससे न डरें। बता दें कि 19 सितंबर 2020 को कोरोना टेस्ट करवाने के बाद 20 सितंबर को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। वह 10 दिनों तक आइसोलेशन वार्ड में ऑक्सीजन पर रहे। इस दौरान उनकी हालत काफी गंभीर थी। लेकिन बेहतर उपचार मिलने और स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उन्हें 3 अक्तूबर को अस्पताल से छुट्टी कर दी गई थी।दूसरी ओर आईजीएमसी अस्पताल के एमएस व फोरेंसिक विभाग के चिकित्सक भी कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। उन्हें भी शनिवार को वैक्सीन दी गई।
प्रदेश सरकार ने हर सेंटर में एंबुलेंस तैनात करने के निर्देश दिए हैं। यह इसलिए कि अगर व्यक्ति को प्रतिकूल रिएक्शन होता है तो उसे तुरंत अस्पताल लाया जाएगा। वैक्सीन लगने के बाद व्यक्ति को 45 मिनट तक सेंटर में ही रखा जाएगा। इसके लिए सेंटर में आइसोलेशन वार्ड होगा।