इस रेडियो स्टेशन पर बायोलॉजी, मैथ व रिटेल की शिक्षा भी दी जा रही है। स्कूल में पढ़ाई के दौरान अनुपस्थित रहने वाले बच्चे कभी भी विषय के लेक्चर को रेडियो की रिकॉर्डिंग में कहीं भी और बार-बार सुन सकते हैं। रेडियो स्टेशन के निदेशक एवं स्कूल के जीव विज्ञान प्रवक्ता डॉ. संजीव अत्री ने बताया कि इसे कम्युनिटी रेडियो में कन्वर्ट करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रदेश के पहले शैक्षणिक रेडियो स्टेशन हेलो मोगीनंद की बीते साल 14 फरवरी को शुरुआत हुई थी। मोगीनंद में 200 मीटर की रेंज तक सुने जाने वाले रेडियो को ऐप पर भी ऑनलाइन सुना जा सकता है। लॉकाडाउन के दौरान 212 घंटे रेडियो सुना जा रहा है, जबकि इससे पहले 118 घंटे सुना जा रहा था। बीते एक माह 19332 मिनट तक रेडियो सुना गया।