दिल्ली से शिमला आ रही बस में बैठे इस्लाम से बरामद किया था 20 ग्राम चिट्टा
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दोषी को 20 हजार रुपये जुर्माना भी करना होगा अदा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। विशेष सत्र न्यायाधीश शिमला भुवनेश अवस्थी की अदालत ने एनडीपीएस एक्ट के मामले में फैसला सुनाते हुए दोषी इस्लाम को दो साल के कठोर कारावास और 20,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी से 20.20 ग्राम चिट्टा बरामद किया था।
जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को दो महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं शिमला निवासी सह-आरोपी आशीष कुमार को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। प्रकरण के अनुसार 7 दिसंबर 2022 को पुलिस थाना पश्चिम के तहत आने वाले शोघी पुलिस बैरियर पर वाहनों की नियमित जांच की जा रही थी। इस दौरान दिल्ली से शिमला आ रही एचआरटीसी बस को जांच के लिए रोका गया। पुलिस टीम जब बस के भीतर यात्रियों के सामान की जांच कर रही थी, तब सीट नंबर 30 और 31 पर दो युवक बैठे मिले। सीट नंबर 30 पर बैठे दिल्ली निवासी आरोपी इस्लाम ने अपनी गोद में काले रंग का पिठ्ठू बैग रखा था।
बैग की तलाशी लेने पर उसमें रखे पोर्टेबल वायरलेस स्पीकर के अंदर चालाकी से छिपाया चिट्टा बरामद हुआ। इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन से तौलने पर इसका वजन 20.20 ग्राम पाया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में चालान पेश किया था। सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक ने तर्क दिया कि पुलिस गवाहों के बयान पूरी तरह विश्वसनीय और भरोसेमंद हैं। वहीं बचाव पक्ष के वकील ने गवाहों के बयानों में विरोधाभास और विसंगतियों का हवाला देते हुए उनकी गवाही पर सवाल उठाए। अदालत ने गवाहों के बयानों और पुख्ता सबूतों के आधार पर पाया कि आरोपी इस्लाम के कब्जे से बरामद चिट्टा और उसका सचेत कब्जा पूरी तरह साबित होता है। इसके बाद अदालत ने दोषी इस्लाम को दो साल के कठोर कारावास और 20,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दूसरे आरोपी आशीष कुमार के खिलाफ ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला। इस आधार पर अदालत ने उसे संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।