विशेष न्यायाधीश प्रवीण गर्ग की अदालत का फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। चौपाल क्षेत्र में एचआरटीसी बस में यात्रा के दौरान चरस के साथ पकड़े दोषी को दो साल के कठोर कारावास और 20,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश प्रवीण गर्ग की अदालत ने सुनाया। दोषी से 199.050 ग्राम चरस पकड़ी थी।
जुर्माना न भरने पर दोषी को तीन महीने की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 16 फरवरी 2025 को पुलिस थाना चौपाल की टीम गश्त पर थी। सुबह के समय चौपाल गैस एजेंसी के पास चौपाल की तरफ से आ रही एचआरटीसी बस को चेकिंग के लिए रोका गया। बस की तलाशी के दौरान सीट पर बैठे नेरवा निवासी दोषी श्याम सिंह पुलिस को देखकर घबरा गया। संदेह होने पर पुलिस ने बस के कंडक्टर और एक सहयात्री को स्वतंत्र गवाह के रूप में शामिल किया। दोषी की गोद में रखे पिट्ठू बैग की तलाशी लेने पर उसमें नमकीन, परफ्यूम और कोल्ड ड्रिंक की बोतल के नीचे एक पाउच में 199.050 ग्राम चरस बरामद की गई। पुलिस ने मौके पर सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत मामला दर्ज किया। अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि बैग बस के ऊपरी रैक में रखा था और दोषी को झूठा फंसाया है। हालांकि अभियोजन पक्ष ने 16 गवाहों के बयान और एसएफएसएल से प्राप्त फॉरेंसिक रिपोर्ट पेश कर अपराध को बिना किसी संदेह के साबित किया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि बरामद चरस की मात्रा छोटी मात्रा से अधिक और व्यावसायिक मात्रा से काफी कम है। दोषी के आपराधिक रिकॉर्ड और पारिवारिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए अदालत ने दो साल के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।