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नेता प्रतिपक्ष अग्निहोत्री को देने के लिए नहीं बची सरकारी कोठी

Wed, 19 Sep 2018 07:00 AM IST
धर्मेंद्र पंडित, अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल में नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री को सरकारी कोठी देने के मामले में विवाद खड़ा हो गया है। सरकार के पास अग्निहोत्री को देने के लिए कोई कोठी नहीं बची है, क्योंकि तमाम सरकारी कोठियों को भाजपा मंत्रियों और सरकार के अन्य पदाधिकारियों ने काबिज कर लिया है।

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सरकार की ओर से कोठी खाली न होने की सूचना मुकेश अग्निहोत्री को भी दे दी गई है। सरकार ने उनसे कोठी के बजाय फ्लैट देने की पेशकश की, मगर अग्निहोत्री ने इससे मना कर दिया, जिसके बाद फ्लैट देने के फैसले को सरकार ने वापस ले लिया।

अब कोठी देना सरकार के लिए चुनौती बन गया है, क्योंकि कोई कोठी छोड़ने को तैयार नहीं है।विपक्ष के पास एक-तिहाई विधायक न होने के चलते कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री को शुरू में नेता प्रतिपक्ष का दर्जा नहीं दिया गया। 

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कांग्रेस सरकार ने हमेशा नेता प्रतिपक्ष को सम्मान दिया

 यह दर्जा सरकार बनने के आठ माह बाद 23 अगस्त को दे तो दिया, लेकिन अभी तक उन्हें सरकारी कोठी से महरूम रखा गया है। दूसरी ओर मुकेश अग्निहोत्री का कहना है कि कांग्रेस सरकार ने हमेशा नेता प्रतिपक्ष को सम्मान दिया है।

नेता प्रतिपक्ष रहते प्रेम कुमार धूमल के सम्मान का कांग्रेस सरकार ने पूरा ध्यान रखा था। उन्हें क्रिस्टन हॉल कोठी दी गई थी। अगर जयराम सरकार यही चाहती है तो वह एमएलए क्वार्टर में भी रहने को तैयार हैं जो उन्हें विधानसभा परिसर के पास दिया गया है।
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तो क्या अब तीसरी पट्टिका लगेगी क्रिस्टन हॉल कोठी में

...तो क्या अब क्रिस्टन हाल में तीसरे के नाम की पट्टिका भी लगेगी? पिछली सरकार के कार्यकाल में नेता प्रतिपक्ष को दी गई इस क्रिस्टन हाल कोठी को प्रदेश सरकार ने पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर को अलॉट किया है।

पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के नाम की पट्टिका भी इस कोठी में पहले से ही लगी है। यह आवास नेता प्रतिपक्ष रहते धूमल के पास था। पिछले दिनों दूसरी पट्टिका मंत्री वीरेंद्र कंवर की भी लगा दी गई।

हम पूछ रहे, नेता प्रतिपक्ष को कौन सी कोठी चाहिए : बत्ता
हिमाचल सरकार के सचिव सचिवालय सामान्य प्रशासन आरएन बत्ता ने बताया कि जो आवास नेता प्रतिपक्ष को दिया जा रहा है, शायद वह उससे संतुष्ट नहीं हैं। अब उन्हीं से ही पूछा जा रहा है कि मौजूद दो-तीन आवासों में से कौन सा आवास उन्हें चाहिए।
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