बताया जा रहा है कि घटना के समय गेस्ट हाउस में तहसीलदार, नायब तहसीलदार समेत करीब 15 से 20 लोग मौजूद थे। इनमें वन भूमि पर अतिक्रमण करने के आरोप में फंसे कई संदिग्ध भी शामिल बताए जा रहे हैं।
इनकी कितनी संख्या थी, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन आने वाले दिनों में पुलिस इसके साक्ष्य जुटाने का दावा कर रही है। पटवारी की एकाएक हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने आईजीएमसी में शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। फिलहाल पुलिस ने हादसे में घायल पूर्व उपप्रधान के बयान के आधार पर थाना कोटखाई में मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।
पुलिस को यह बताया जा रहा है कि राजस्व और कुछ अन्य विभागों की संयुक्त टीम सोमवार को पांदली पंचायत में नई सड़क के लिए भूमि का निरीक्षण करने पहुंची थी।
देरी होने पर पंचायत की ओर से रात को ठहरने और भोजन की व्यवस्था कोटखाई लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में की गई। रात करीब साढे़ दस बजे भोजन के बाद पटवारी संदीप और पूर्व उपप्रधान संतोष भोजन के बाद घर निकलने लगे तो
बरामदे में गले मिलने के दौरान संतुलन खो बैठे और दोनों दूसरी मंजिल से नीचे गिर गए। जिस समय यह हादसा हुआ वहां 15 से 20 लोग मौजूद थे। घायलों को अस्पताल लाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही पटवारी ने दम तोड़ दिया।
सरकारी गेस्ट हाउस में रुके सरकारी अमले के साथ अतिक्रमणकारी क्यों थे? यह भी एक बड़ा सवाल है। इन लोगों के बीच एक ऐसा भी शख्स था जिस पर रिजर्व फोरेस्ट में अतिक्रमण करने का गंभीर आरोप है।
पूरे मामले से पुलिस जल्द पर्दा उठा देने का दावा कर रही है। तहसीलदार और नायब तहसीलदार के बयानों के बाद भी काफी हद तक स्थिति साफ हो पाएगी।
- गेस्ट हाउस में किसने करवाया पार्टी का इंतजाम
- किसके बुलाने पर जुटी थी सरकारी अमले की भीड़
- पार्टी में क्या कर रहे थे अतिक्रमणकारी
- अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा पार्टी में कौन-कौन थे मौजूद
पुलिस हर पहलू की कर रही तफ्तीश : एसपी
एसपी शिमला ओमापति जमवाल ने कहा कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक सरकारी गेस्ट हाउस में राजस्व महकमे के लोगों की पार्टी चल रही थी। रात को जब उपप्रधान पांदली और पटवारी गले मिल रहा था तो उनका संतुलन बिगड़ा और खिड़की से दोनों नीचे गिर गए। इसमें पटवारी की मौत हो गई और दूसरा घायल हो गया। पुलिस हर पहलू पर तफ्तीश कर रही है।