शहर में हर मौसम में स्केटिंग करने के लिए बनेगा रिंक, टेंडर के सात माह बाद भी शुरु नहीं हो पाया है निर्माण कार्य
अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा स्केटिंग रिंक का निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। ऐतिहासिक शिमला आइस स्केटिंग रिंक को ऑल-वैदर इंडोर रिंक में बदलने की परियोजना एक बार फिर विवादों में घिर गई है। सितंबर 2024 में इस परियोजना का टेंडर पीके कंस्ट्रक्शन कंपनी को आवंटित किया था लेकिन अभी तक इसका कार्य शुरू नहीं हो पाया है। कंपनी का कहना है कि काम शुरू करने के लिए सात माह बाद भी पैसा जारी नहीं किया है।
परियोजना का उद्देश्य रिंक को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाकर इसे ऑल-वैदर यानी हर मौसम में उपयोग के योग्य बनाना है। इसके तहत रिंक को पूरी तरह इंडोर बनाया जाएगा ताकि वर्षभर बर्फ की गुणवत्ता बनी रहे और स्केटिंग अभ्यास तथा प्रतियोगिताएं बिना मौसम के प्रभाव के चलती रहें। परियोजना की लागत 35 करोड़ रुपये तय की थी। इसमें अत्याधुनिक रेफ्रिजरेशन सिस्टम, सतह के नीचे ब्राइन पाइप लाइनें जिनमें ठंडा पानी और एंटीफ्रीज प्रवाहित होगा तथा इंसुलेशन लेयर बिछाई जानी है ताकि बर्फ ठोस बनी रहे। इसके अलावा रिंक के आकार को 60 फीट लंबा और 30 फीट चौड़ा बनाया जाना है ताकि यह पेशेवर स्केटिंग प्रतियोगिताओं के अनुकूल हो।
रिंक परिसर में चेंजिंग रूम, दर्शकों के लिए बैठने की व्यवस्था और एक आधुनिक कैफेटेरिया का निर्माण भी प्रस्तावित है। इससे न केवल खिलाड़ियों को सुविधा मिलेगी बल्कि पर्यटकों के अनुभव में भी सुधार होगा। हालांकि टेंडर स्वीकृति के लगभग सात महीने बाद भी कोई काम शुरू नहीं हुआ है। स्थानीय खेल प्रेमी और व्यवसायिक वर्ग इस देरी से खासे निराश हैं। समय रहते इस परियोजना को अमल में नहीं लाया गया तो यह शिमला के पर्यटन विकास और अंतरराष्ट्रीय पहचान को मिलने वाले लाभ को प्रभावित कर सकता है।
पैसा हो चुका है स्वीकृत, मिला नहीं : प्रमोद
कंपनी के प्रतिनिधि प्रमोद कुमार का कहना है कि एशियन डेवलपमेंट बैंक से परियोजना के लिए धन स्वीकृत हो चुका है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक उन्हें भुगतान नहीं किया है। इससे कार्य की शुरुआत संभव नहीं हो पाई है। कुमार के अनुसार सितंबर में टेंडर जीता और बैंक की ओर से राशि उपलब्ध भी करवाई गई लेकिन नवंबर में सरकार ने कहा कि स्केटिंग सीजन चल रहा है, इसलिए कार्य मार्च तक स्थगित रहेगा। मार्च में फिर कहा गया कि वित्तीय टेंडर की वैधता 30 अप्रैल तक बढ़ाई जाए उसके बाद ही भुगतान होगा। हमने वैधता बढ़ा दी लेकिन आज तक एक रुपया भी इस कार्य के लिए जारी नहीं हुआ है।