बोले, कक्षा के भीतर धार्मिक टिप्पणी करना गलत संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के लोक प्रशासन विभाग में कक्षा के भीतर धार्मिक टिप्पणियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि तीन अज्ञात बाहरी व्यक्तियों ने छात्रों को संबोधित करते हुए हिंदू धर्म, धार्मिक ग्रंथों और आराध्य देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं जिससे परिसर का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
संबंधित व्यक्ति सावित्रीबाई फुले की जीवनी पर भाषण देने के बहाने कक्षा में पहुंचे लेकिन बाद में विषय से हटकर धार्मिक मुद्दों पर टिप्पणी करने लगे। आरोप है कि इस दौरान मनुस्मृति के अस्तित्व पर सवाल उठाए गए और भगवान श्रीराम तथा रामसेतु के संदर्भों को भी नकारा गया। एबीवीपी का कहना है कि घटना की जानकारी मिलते ही कार्यकर्ताओं ने मामले की जांच की जिसमें यह सामने आया कि संबंधित व्यक्तियों के पास विश्वविद्यालय प्रशासन की कोई आधिकारिक अनुमति नहीं थी। परिषद ने आरोप लगाया कि विभाग के एक प्राध्यापक ने अपने स्तर पर बिना लिखित अनुमति के बाहरी लोगों को कक्षा में बुलाया। परिषद इकाई अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों का उपयोग किसी धर्म विशेष के खिलाफ प्रचार के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि तीनों व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और संबंधित प्राध्यापक पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो। साथ ही भविष्य में बाहरी गतिविधियों पर नियंत्रण सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है। एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आंदोलन तेज करेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।