प्रदेश में तैनात करीब 2500 अनुबंध शिक्षकों के नियमितीकरण की राह में 31 मार्च की शर्त भारी पड़ रही है। पांच साल का सेवाकाल पूरा होने के बाद भी समय पर अनुबंध शिक्षकों का नियमितीकरण नहीं हो रहा है।
31 मार्च के बाद पांच साल पूरा करने वाले शिक्षकों जहां अगले साल तक का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं 31 मार्च से पहले पांच साल पूरे करने वालों का भी अगस्त महीने से नियमितीकरण हो रहा है।
हिमाचल प्रदेश अनुबंध अध्यापक संघ ने सरकार की इस नीति का विरोध किया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकार ने अनुबंध कर्मचारियों को उनके 5 वर्ष सेवाकाल पूरा करने पर नियमित की नीति बनाई है,
लेकिन इस पर अमल नहीं हुआ है। प्रदेश में हजारों की संख्या में अनुबंध कर्मचारी 5 वर्ष सेवाकाल पूरा कर चुके हैं और 10 से 11 महीने से नियमित होने का इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार नियमितीकरण 31 मार्च के बाद एक अप्रैल से न करके जुलाई या अगस्त में कर रही है। इस बीच प्रमाण पत्र को एकत्र करने की बात कही जा रही है। संघ की मांग है कि 31 मार्च की शर्त को हटाकर नियमितीकरण की प्रक्रिया पांच वर्ष पूरे होते ही की जाए।
शिक्षा विभाग 31 मार्च 2016 तक 5 वर्ष पूरा कर चुके अनुबंध कॉलेज सहायक प्रोफेसरों के दस्तावेज निदेशालय मंगवा रहा है। लेकिन स्कूल प्रवक्ताओं के दस्तावेज अभी तक नहीं मांगे गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र वर्मा ने अनुबंध
अध्यापकों से अपील की है कि वे हिमाचल प्रदेश अनुबंध अध्यापक संघ के नाम से किसी अन्य संगठन के बहकावे में न आएं। पुरानी कार्यकारिणी मंडी आम सभा में भंग हो चुकी है। कुछ लोग सुर्खियों को बटोरने के लिए काम कर रहे हैं जबकि संघ का इनसे कोई लेना देना नहीं है।