कांग्रेस हाईकमान भाजपा नेता और पूर्व सांसद सुरेश चंदेल का पुतले फूंकने के मामले की जांच कराने की तैयारी में है। इस संबंध में हाईकमान शीघ्र ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी को जांच कमेटी गठित कराने के फरमान जारी करने वाला है। यह कमेटी देखेगी कि भाजपा के पूर्व सांसद के पुतले फूंकने के लिए फंडिंग कहां से हुई और इसके पीछे किन नेताओं का हाथ रहा है।
अभी तक बिलासपुर और ऊना बीसीसी के पांच नेताओं को पद से निलंबित कर दिया गया है। इनसे 15 दिनों के भीतर नोटिस का जवाब भी मांगा गया है। चंदेल को पार्टी में लेने का मामला कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के पास विचाराधीन था। इसके बाद भी प्रदेश में सुरेश चंदेल के पुलते जलाकर विरोध करने की हिम्मत पार्टी नेताओं में कैसे हुई?
इससे पहले पूर्व केंद्रीय संचार राज्य मंत्री सुखराम और उनके पौत्र आश्रय शर्मा को कांग्रेस में लिया गया था परंतु इसका विरोध करने की हिम्मत किसी भी कांग्रेसी नेता में नहीं थी। यह मामला सीधा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से जुड़ा हुआ है। हाईकमान ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।