मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि कांग्रेस में बागियों को वापस लेने पर पिक एंड चूज हुआ है। इससे चुनाव में पार्टी को नुकसान हो सकता है। जब अन्य दलों ने अपने बागियों को बिना शर्त शामिल कर लिया, तो हमें भी यह फार्मूला अपनाना चाहिए था। मुख्यमंत्री वीरवार को सचिवालय में मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि भाजपा ने लोकसभा चुनाव व्यक्तिवाद पर लड़ा। नरेंद्र मोदी के शोर में पार्टी गौण हो गई। लोकतंत्र में यह ठीक नहीं है। बाद में जब उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ तो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र विज्ञापनों में दिखे।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि वह करीब दो महीने चुनाव प्रचार के लिए प्रदेश के हर कोने में गए हैं। लोगों में राज्य सरकार के प्रति जबरदस्त उत्साह है। हिमाचल में कांग्रेस लोकसभा की चारों सीटें जीतेगी और सारे चुनावी आकलन फेल होंगे।
उन्होंने कहा कि बढ़े मतदान को यूपीए के खिलाफ मानना भूल होगी।
वह ऐसी अटकलबाजियों को नहीं मानते। चुनाव आयोग ने मतदाताओं में जागरूकता बढ़ाने पर खूब काम किया था। युवा मतदाताओं ने भी वोट ज्यादा बनवाए थे। इस कारण मतदान प्रतिशत बढ़ा।
इसे किसी एक पार्टी की ओर रुझान के तौर पर नहीं देखा जा सकता। वीरभद्र सिंह ने दोहराया कि 16 मई को बाद राज्य सरकार को गिराने के भाजपा के दुष्प्रचार को प्रदेश की जनता ने चुनाव में नकार दिया है।
दो महीने बाद गुलजार हुआ सचिवालय
हिमाचल सरकार का सचिवालय में करीब 2 महीने बाद वीरवार को रौनक दिखी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के अलावा स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह, आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स, परिवहन मंत्री जीएस बाली आदि सचिवालय में मौजूद रहे।