जी-20 की बैठक के बीच धर्मशाला में कांग्रेस के मंत्री और विधायकों ने डीसी दफ्तर के बाहर मोदी सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। जी-20 की बैठक के लिए आए विदेशी प्रतिनिधि हिमाचल की संस्कृति जान रहे थे, वहीं दो किलोमीटर दूर कांग्रेसी नारेबाजी कर रहे थे।कृषि मंत्री चंद्र कुमार समेत 6 विधायकों और कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता अलोकतांत्रिक तरीके से रद्द की गई। मोदी सरकार तानाशाही पर उतर आई है। राहुल गांधी की आवाज को सदन और देश में दबाया जा रहा है।
प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि राहुल गांधी की सदस्यता को जल्दबाजी में रद्द किया गया। केंद्र सरकार संविधान के साथ छेड़छाड़ कर रही है। लोगों का बोलने का अधिकार भी छीना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने नौ साल में एक बार भी पत्रकार वार्ता नहीं की। इस दौरान सीपीएस किशोरी लाल, विधायक केवल सिंह पठानिया, यादवेंद्र गोमा, संजय रतन, मलेंद्र राजन सहित देहरा से चुनाव लड़ चुके डा. राजेश शर्मा और अन्य नेता कार्यकर्ता मौजूद रहे।
चार विधायक रहे गायब, एक अफसर भी कांग्रेस के प्रदर्शन में शामिल
विधायक संजय रतन और केवल सिंह पठानिया ने कहा कि गांधी परिवार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डरते हैं। सीपीएस आशीष बुटेल समेत विधायक सुधीर शर्मा, रघुवीर सिंह बाली, भवानी पठानिया धरना-प्रदर्शन में शामिल नहीं रहे। धरना-प्रदर्शन में ड्यूटी के दौरान केसीसी बैंक का एक अधिकारी भी शामिल हुआ। केसीसी बैंक की सरकारी फारच्यूनर गाड़ी भी धरना प्रदर्शन स्थल तक एक नेता को लाई।