सीएम जयराम ठाकुर ने सोमवार को मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान राज्य सचिवालय परिसर में धरना देने वाले कांग्रेस नेताओं को आड़े हाथ लिया। सीएम ने कहा, अच्छा होता कि इनकी अपनी सरकार के राजस्थान के मुख्यमंत्री की बात करें जो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं, वहां कोरोना वायरस के केस हमसे ज्यादा हैं। जहां तक पर्यटन खोलने की बात है, वहां कोरोना वायरस के मामले हमसे ज्यादा हैं। उद्योग क्षेत्र, दुकानें आदि तमाम चीजें खोल दी गई हैं। इसी तरह से पर्यटन की गतिविधियां शुरू करने की भी मांग उठी है। हम किसी को बाध्य नहीं कर रहे हैं। हिमाचल में गाइडलाइंस काफी सख्त हैं। कतई भी रियायतें देने की कोई गुंजाइश नहीं है। सीएम ने कहा कि इनके ज्ञापन को देखा जाए तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपने लोग जो हिमाचल आना चाहते थे, उनके जीवन को बचाने को कदम उठाए गए। हिमाचल सरकार का भी दायित्व है कि कोई आदमी अगर संकट में है, उसकी क्या मदद न की जाए। बाहर फंसे लोगों को क्या मरने के लिए छोड़ दिया गया। यह कांग्रेस के खिलाफ मुद्दा बनने वाला है।
हिमाचल के बच्चों का विरोध करते हैं तो इसे उन्हें भुगतना होगा। इस धरने में सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ाई गईं। सीएम ने वीरभद्र सिंह के घर पर हुए भोज में ज्यादातर कांग्रेस नेताओं के शामिल न होने पर कहा कि जयराम ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां वहां भी उड़ाई गईं, धरने में भी उड़ाई गईं। कांग्रेस के इस निजी कार्यक्रम पर उन्होंने कहा कि ये लोग हमें सलाह देते हैं। नियम और कानून में सब लोग आते हैं। उसमें बहुत सारे लोग आए, बहुत सारे नहीं आए। यह उन्हीं से पूछना चाहिए। उन्होंने वीरभद्र सिंह का नाम लिए बगैर कहा कि कांग्रेस के बारे अधिक कहने की आवश्यकता नहीं है। जिस तरह की वह स्थितियां और परिस्थितियां चाहते हैं, वैसा न तो देश में रही हैं न ही प्रदेश में ही रही हैं। उनका दौर बीत गया है। इसे उन्हें स्वीकार करना चाहिए। ऐसा नहीं है कि किसी को बुलाया जाए तो वह बाध्य होंगे। कांग्रेस पार्टी में हालात बदल गए हैं। हम पर टिप्पणी करने के बजाय वह अपने-आप को संभालें।