मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के सीधे-सीधे इंकार के बावजूद कांग्रेस पार्टी ने फिर बेरोजगारी भत्ते का शिगूफा छोड़ दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की राज्य कार्यकारिणी ने प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को भत्ता देने पर आम सहमति बना ली है।
इसके लिए कांग्रेस ने आठ सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया है। मजे की बात यह है कि सीएम वीरभद्र सिंह पहले ही कह चुके हैं कि बेरोजगारी भत्ता देना व्यावहारिक नहीं है और इसके एवज में सरकार कौशल विकास भत्ता दे रही है।
इसके बावजूद चुनावी साल में कांग्रेस पार्टी बेरोजगारी भत्ते पर फिर दांव खेलना चाह रही है और इसे दिलाए जाने के पक्ष में उतर आई है। सोमवार को राजीव भवन शिमला में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में बेरोजगारी भत्ता देने पर आम सहमति बनी।