जिला कांग्रेस कमेटी शिमला शहरी की रविवार को आयोजित बैठक में जोरदार हंगामा हुआ। शहरी कांग्रेस के सदस्यों ने निगम के कांग्रेस पार्षदों और अफसरों पर पार्किंग माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
सवाल उठाया कि सदन में जब कार पार्किंग की मासिक फीस में 56 फीसदी की बढ़ोतरी का प्रस्ताव लाया गया तो कांग्रेसी पार्षदों ने इसका विरोध क्यों नहीं किया। तर्क दिया गया कि पार्किंग की मासिक फीस में बढ़ोतरी का सबसे अधिक बोझ शहर के आम लोगों पर पड़ेगा।
इतना ही नहीं शहरी कांग्रेस के सदस्यों ने निगम के कांग्रेसी पार्षदों और अफसरों पर बीओटी पर बन रही शहर की नई पार्किंगों के संचालकों के हितों के लिए काम करने का भी आरोप लगाया।
सरकार नहीं करती हमारी सुनवाई
इसके अतिरिक्त शहरी कांग्रेस के पदाधिकारियों की सरकार में सुनवाई न होने का मामला भी बैठक में उठा। पदाधिकारियों ने रोष जताया कि शहर के लोग अपने काम लेकर हमारे पास आते हैं लेकिन सरकार में हमारी सुनवाई नहीं होती।
जिला कांग्रेस कमेटी शिमला शहरी के अध्यक्ष प्रदीप कुमार भुज्जा ने कहा कि निगम की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है। निगम के मेयर संजय चौहान और डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर को लोगों के हित की परवाह नहीं है।
अपनी राजनीति चमकाने के लिए मेयर, डिप्टी मेयर जनता जनता के हितों को दरकिनार कर रहे हैं। बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव हरभजन सिंह भज्जी, पूर्व विधायक आदर्श सूद, देवराज, अशोक सूद, संगीता, अनिता तेज, कौशल्या चन्ना, चरणजीत राणा, देवेंद्र रतन, लीला शर्मा, जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष अनिल बक्शी, राकेश कालिया, धीरेंद्र गुप्ता, भाग सिंह आदि मौजूद रहे। पार्किंगों में हो रही मनमानी वसूली की जा रही है।