अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव प्रियंका गांधी ने शुक्रवार को सोलन के ठोडो मैदान में चुनावी शंखनाद कर दिया है। परिवर्तन प्रतिज्ञा महारैली में प्रियंका ने प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनते ही पहली मंत्रिमंडल की बैठक में एक लाख नौकरियां देने और पुरानी पेंशन बहाली का फैसला लेने का एलान किया। उन्होंने भाजपा के रिवाज बदलने के नारे पर पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के उज्ज्वल हिमाचल बनाने के सपने को तोड़कर भाजपा ने रिवाज बदल दिया है। उन्होंने जनता से बीते पांच वर्षों में हुए कार्यों की समीक्षा करने के बाद ही वोट देने का आग्रह किया है।
प्रियंका गांधी ने कांग्रेस की दस गारंटियों का जिक्र करते हुए कहा कि हम खोखले और चुनावी वादे नहीं करते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने जिस नीयत के साथ 1971 में हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया, उसे पूर्व मुख्यमंत्रियों डॉ. यशवंत सिंह परमार, ठाकुर रामलाल और वीरभद्र सिंह ने पूरा किया। जयराम सरकार ने विकास कार्यों को ठप कर जनता के साथ धोखा किया है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि आज सोलन में कोई चुनावी रैली नहीं है। यह सोचने का समय है। प्रदेश के भविष्य को बनाने का समय है।
भाजपा ने कर्मचारियों, महिलाओं, युवाओं, बागवानों और किसानों सहित अन्य सभी वर्गों को छला है। सिर्फ उद्योगपति मित्रों के भाजपा ने कर्ज माफ किए हैं। अग्निवीर योजना से युवाओं का चार साल बाद भविष्य अंधकार में लाने की तैयारी की है। प्रदेश में कोरोना के दौरान पीपीई किट घोटाला हुआ। पुलिस और राज्य विश्वविद्यालय की भर्तियों में घोटाले किए गए। टमाटर, मशरूम और सेब की खेती करने वालों की सुध नहीं ली।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से हिमाचल के साथ रिश्ते की याद दिलाई
प्रियंका गांधी ने रैली के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से हिमाचल प्रदेश के साथ रिश्ते की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी का प्रदेश को लेकर आध्यात्मिक लगाव था। उन्होंने शहीद होने से पहले परिवार को लिखे एक पत्र में अपनी अस्थियों को संगम के अलावा हिमालय पर्वत पर भी विसर्जित करने को कहा था। पिता राजीव गांधी ने हिमालय पर्वत पर अस्थियों को विसर्जित किया है। पहाड़ों पर हर वर्ष पड़ने वाली बर्फ में इंदिरा गांधी भी मौजूद हैं। प्रियंका ने कहा कि इंदिरा गांधी ने हिमाचल में घर बनाने की ख्वाहिश जाहिर की थी। उसे अब मैंने पूरा कर दिया है। उन्होंने कहा कि रिश्ता दोनों ओर से निभाया जाता है। आप कांग्रेस को वोट देकर रिश्ता निभाना, हम भी आपके और प्रदेश के विकास के लिए काम करेंगे।
प्रियंका गांधी ने मां शूलिनी मंदिर में पूजा-अर्चना की
चुनाव आते ही तेज कर दिया हाईवे का काम, शुरू हुई हवाई उड़ानें
प्रियंका ने कहा कि प्रदेश में चुनाव नजदीक आते ही भाजपा सरकार ने पिंजौर से शिमला तक बनने वाले हाईवे पर काम तेज किया है। बीते साढ़े चार वर्षों के दौरान जब-जब भी वह सड़क मार्ग से शिमला जाती थीं तो सड़क पर लैंड स्लाइड और बंद पड़ी खड़ी मशीनें ही दिखती थीं। करीब छह माह पूर्व जब वह शिमला आ रही थीं तो हाईवे का काम होता हुआ देखा। करीब दो वर्षों से बंद पड़ी शिमला-दिल्ली के बीच हवाई उड़ान भी शुरू कर दी।
बगलामुखी, ज्वालाजी और नयनादेवी माता को किया याद
प्रियंका ने अपने संबोधन के दौरान महिलाओं को संबोधित करते हुए बगलामुखी, ज्वालाजी और नयनादेवी माता को याद किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने महंगाई बढ़ाकर कई परेशानियों में महिलाओं को डाला है। देवभूमि की महिलाओं ने माता रानी के आशीर्वाद से इन मुश्किलों को दूर कर पांच साल निकाले हैं।
सोलन में की फूड प्रोसेसिंग प्लांट खोलने की घोषणा
सोलन में फूड प्रोसेसिंग प्लांट खोलने का प्रियंका गांधी ने रैली में एलान किया। उन्होंने कहा कि इस प्लांट से टमाटर का सॉस तैयार किया जाएगा। स्थानीय फलों का प्रयोग कर जैम, जूस आदि भी तैयार किए जाएंगे। स्थानीय बागवानों को उनके घरों के पास बाजार उपलब्ध करवाया जाएगा।
एनपीएस के क्रमिक अनशन में शामिल हुईं प्रियंका गांधी
परिवर्तन प्रतिज्ञा महारैली से पहले प्रियंका गांधी 14 दिन से पुरानी पेंशन बहाली को लेकर क्रमिक अनशन पर बैठे कर्मचारियों से मिलीं। वह कर्मचारियों के अनशन में शामिल हुईं और न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी एसोसिएशन के वोट फॉर ओपीएस का समर्थन किया। उन्होंने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि कांग्रेस सरकार बनते ही पुरानी पेंशन योजना लागू की जाएगी। न्यू पेंशन स्कीम के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर भी मौजूद रहे।
न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी एसोसिएशन के पदाधिकारी ओल्ड डीसी कार्यालय के बाहर पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली को लेकर क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अशोक ठाकुर ने कहा कि बार-बार पुरानी पेंशन की बहाली को लेकर पत्र लिखे जा रहे हैं, लेकिन कोई निर्णय नहीं ले रही। छत्तीसगढ़, राजस्थान और झारखंड में सरकार ने कर्मचारियों की मांग को मान लिया है। 1,35,000 कर्मचारी प्रदेश भर में हैं। करीब 10,000 कर्मचारी उसमें सोलन जिले के हैं। अब एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि उसी पार्टी को वोट दिया जाएगा, जो ओल्ड पेंशन की बहाली करेगी।