सरकार के शिक्षा और नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्रियों के आपसी तालमेल न होने से इस साल प्रदेश के साढ़े आठ लाख छात्र-छात्राओं को वर्दी तक नहीं मिली है। बाबा रामदेव जो देश के दस बड़े कारोबारियों में शुमार है, पर मेहरबानी कर महज ढाई करोड़ में 28 एकड़ भूमि को कौड़ी के भाव दे दिया।
स्मार्ट सिटी शिमला और धर्मशाला में चलाई जाने वाली इलेक्ट्रिक बसों की खरीद की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। कहा कि एक बस की कीमत वार्षिक मेंटेनेंस के साथ 1.35 करोड़ तय रेट को बदल कर बिना मेंटेनेंस के 70 लाख कर दिया है।
इस सरकार के कार्यकाल में सौ हत्याओं और 250 बलात्कार के मामले दर्ज किए गए हैं। सरकार के सचिव स्तर के अधिकारी मुख्यमंत्री की गुड् बुक्स में आने के लिए भाजपा चार्जशीट पर विजिलेंस जांच को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं।
विक्रमादित्य ने कहा कि सरकार कहीं बोर्ड निगमों के वाइस चेयरमैन बनाकर और कहीं पहले से चल रहे गौर संरक्षण का नाम बदलकर गऊ आयोग बनाकर पैसों की बर्बादी कर रही है।
दो-दो नए हेलीकाप्टर लीज पर लेने, जन मंच जैसे आयोजन पर खजाने से लाखों रुपये खर्च कर धन की बर्बादी हो रही है। अधिकारियों का जन मंच में तिरस्कार किया जा रहा है। यह जन मंच नहीं अधिकारियों का झंड मंच साबित हो रही है।
अमर उजाला की मुहिम की तारीफ की
विक्रमादित्य ने कहा कि छात्रवृत्ति घोटाले के चलते छात्रवृत्ति से वंचित रह रहे लाखों छात्र-छात्राओं के मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता उठाया था। उन्होंने इसके लिए अमर उजाला अखबार की तारीफ भी की। कहा कि सरकार की नाकामी की वजह से प्रदेश के ढाई लाख छात्र, छात्रवृत्ति से अभी तक वंचित हैं। इस मामले की न्यायालय की निगरानी में सीबीआई से जांच करवाई जाए।