बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के दो घंटे से ज्यादा चले अभिभाषण को नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने पार्टी का राजनीतिक एजेंडा स्थापित करने वाला दस्तावेज करार दिया। कहा कि प्रदेश के मुद्दों के बजाय धारा 370 और सीएए के अलावा सर्वोच्च अदालत के राम मंदिर संबंधी आदेश को शामिल करना इसका सबूत है। चूंकि सरकार कुछ भी कर ही नहीं रही है, ऐसे में राज्यपाल के अभिभाषण की महज औपचारिकता ही पूरी की गई है। मुकेश ने यहां तक कह दिया कि यह अभिभाषण चर्चा के लायक तक नहीं है।
मुकेश ने कहा कि जो भी सरकार सत्ता में होती है वह राज्यपाल के अभिभाषण के जरिये पिछले एक साल में किए गए कार्यों को सदन में बताती है। लेकिन, प्रदेश के 69 में से एक भी नेशनल हाइवे या फोरलेन को लेकर अभिभाषण में कोई चर्चा ही नहीं है। गुपचुप तरीके से अचानक रेरा का गठन किया गया लेकिन, उसका भी जिक्र नहीं किया गया।
सिर्फ मंडी एयरपोर्ट का जिक्र किया गया लेकिन, उसे भी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट लिखने की हिम्मत नहीं हो सकी। ऊना, बद्दी रेललाइन को लेकर भी एक शब्द नहीं कहा गया है। घोषणा पत्र को सरकार ने खुद ही नहीं पड़ा है वर्ना राज्यपाल से अधिकांश वायदे पूरे कराने की बात न कहलवाई जाती। ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट की बात तो की लेकिन, उसे खुलकर नहीं बताया गया। कहा कि सरकार दो साल से सो रही है, इसलिए उपलब्धियों भरा अभिभाषण होने की बजाय नीरस भाषण पढ़ाया गया।
कहा कि खेत संरक्षण, स्वां चैनलाइजेशन जैसी पिछली सरकार की योजनाओं पर जयराम सरकार अपनी पीठ थपथपाने में जुटी रही। जलजीवन मिशन के हत 2896 करोड़ के टेंडर करने की बात कही जबकि, सरकार को मिला ही सिर्फ 148 करोड़ है। कहा कि पूरे भाषण में सिर्फ मेरी सरकार शब्द को बार-बार बोला गया है।