हिमाचल कांग्रेस के अलग-अलग खेमों की लड़ाई के बीच सोनिया गांधी की कोर टीम में रह चुके पूर्व कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने भी हस्तक्षेप किया है। शांडिल ने वीरभद्र के जुबानी हमले पर प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू को नसीहत दे डाली है कि बड़े नेता कुछ बोलें तो चुप रहना चाहिए।
हालांकि, उन्होंने यह बात इशारों में वीरभद्र और सुक्खू के नाम लिए बगैर ही कही। वीरवार को शिमला में पत्रकार वार्ता में डॉ. शांडिल ने कहा कि नेताओं में शालीनता का होना जरूरी है। पूर्व में शिमला से सांसद रह चुके शांडिल ने पत्रकारों के सवालों पर कहा कि अगर हाईकमान ने चाहा तो वे शिमला से चुनाव लड़ने को तैयार हैं।
वे पार्टी में सिपाही की तरह रहे हैं। हाईकमान ने उन्हें कांग्रेस वर्किंग कमेटी में नियुक्त किया तो वहां भी निष्ठा से काम किया। प्रभारी महासचिव के रूप में उन्हें बाहरी राज्यों की जिम्मेवारी दी गई तो इसे भी पूरे मन से निभाया। 2012 में विधानसभा चुनाव लड़ने के आदेश दिए तो वे लडे़ और पिछली कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे।
अगर हाईकमान शिमला सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने का आदेश करेगी तो यह स्वीकार होगा। यह सब आलाकमान को तय करना है। उनके साथ एआईसीसी के सदस्य और पूर्व पार्टी महासचिव कुलदीप राठौर भी उपस्थित रहे।