कांग्रेस के पूर्व मंत्री जीएस बाली ने प्रदेश सरकार की वित्तीय स्थिति पर सवाल उठाए हैं। धर्मशाला में प्रेस वार्ता के दौरान बाली ने कहा कि सरकार दीवालियापन की तरफ जा रही है। सरकार कर्ज लेकर घी पी रही है। सरकार के टैक्स कलेक्शन में 30 से 35 फीसदी की कमी आई है। हिमाचल पर 50 हजार करोड़ से ज्यादा कर्ज हो गया है जो प्रदेश के इतिहास में सबसे ज्यादा है। बाली ने कहा कि प्रदेश की जीडीपी ढाई फीसदी कम हो गई है।
बाली ने कहा कि सरकार को दो साल का कार्यकाल पूरा होने पर जश्न के बजाय रोजगार मेला करवाना चाहिए था। इन्वेस्टर मीट पर भी करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा दिए गए। कंगाल कंपनियों के साथ एमओयू साइन कर लिए। दक्षिण की एक कंपनी जिसकी आय एक या दो लाख रुपये है, उसके साथ सरकार ने 500 करोड़ रुपये का एमओयू साइन कर लिया। सरकार इन्वेस्टर मीट पर श्वेत पत्र जारी करे। बाली ने कहा कि सीएम बताएं कि दो साल के कार्यकाल में वह हिमाचल के लिए कौन सा बड़ा प्रोजेक्ट लाए।
‘सीएम न मंडी का एयरपोर्ट बनाएंगे, न कांगड़ा का बनने देंगे’
बाली ने कहा कि सीएम जयराम ठाकुर मंडी एयरपोर्ट बनाने को लेकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। मंडी एयरपोर्ट का प्रस्ताव खारिज हो चुका है। सीएम न तो मंडी में एयरपोर्ट बनाएंगे, न ही कांगड़ा एयरपोर्ट का विस्तारीकरण करेंगे। कांगड़ा एयरपोर्ट का विस्तारीकरण होना चाहिए लेकिन जरूरत के मुताबिक। उन्होंने कहा कि सीएम कांगड़ा जिला से सौतेला व्यवहार कर रहे हैं।