धर्मशाला से उपचुनाव न लड़ने के फैसले के बाद सुधीर शर्मा को एआईसीसी सचिव पद से हाथ धोना पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि सुधीर के उप चुनाव नहीं लड़ने के फैसले से हाईकमान खासा नाराज है।
पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी मामले में कड़ा संज्ञान लिया है। सोनिया ने तो यहां तक कहा है कि जो एआईसीसी सचिव पार्टी के संकट की घड़ी में उपचुनाव लड़ने से पीछे हट जाए, वह राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी का काम कैसे देख सकता है।
उधर, हाईकमान यह भी देख रहा है कि ऐसी क्या स्थिति पैदा हो गई कि ब्लॉक कांग्रेस से प्रस्ताव भेजने के बावजूद पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने अंतिम क्षणों में उपचुनाव लड़ने से इंकार क्यों कर दिया? बीसीसी नेताओं ने हाईकमान को प्रस्ताव भेजा था कि धर्मशाला उप चुनाव में सरकार को टक्कर देने वाले नेता सुधीर ही हैं।
उनके उपचुनाव लड़ने से मना करने पर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल सहित अन्य केंद्रीय नेताओं ने भी नाराजगी जताई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार केसी वेणुगोपाल ने यह मामला कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से उठाया है।
उधर, धर्मशाला ब्लॉक अध्यक्ष राजेश कपूर कहते हैं कि एआईसीसी सचिव सुधीर शर्मा ही सरकार को टक्कर दे सकते थे। इस कारण बीसीसी और बूथ के 85 पदाधिकारियों ने सुधीर को टिकट देने के लिए प्रस्ताव भेजा। प्रस्ताव पारित करने से पहले सुधीर शर्मा से बीसीसी ने पूछना उचित नहीं समझा।
सुधीर बोले- मैंने पहले ही कर दिया था मना
पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि उन्होंने उपचुनाव लड़ने से पहले ही मना कर दिया था। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने मुझे पूछे बिना ही हाईकमान को प्रस्ताव भेज दिया था, यह बीसीसी के पदाधिकारियों की भावना रही होगी कि मैं उप चुनाव लड़ूं।