हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर भले ही सीबीआई का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है, लेकिन कांग्रेस हाईकमान सीबीआई के छापों और जांच प्रक्रिया के आधार पर फिलहाल उनको कुर्सी से हटाने के पक्ष में नहीं है। कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई ठोस सबूत सामने आने या फिर चार्जशीट और गिरफ्तारी की नौबत आने से पहले पार्टी उनकी कुर्सी हिलाने पर विचार नहीं कर रही है।
लिहाजा, पार्टी ने अभी बचाव जारी रखने का फैसला किया है। वीरभद्र के खिलाफ सीबीआई जांच की तेज रफ्तार को देखते हुए पार्टी के शीर्ष स्तर पर चर्चा हो रही है। छापेमारी के दिन ही हाईकमान ने बातचीत के बाद फैसला लिया गया कि मुख्यमंत्री का तुरंत बचाव किया जाए और इस पूरे मामले को राजनीतिक साजिश के तौर पर पेश कर मोदी सरकार पर हमला बोला जाए। इसके लिए कांग्रेस के शीर्ष नेता और राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद को उतारा गया।