चुनाव आयोग से जांच करवाने का किया आग्रह
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। भाजपा समर्थित नगर निगम पार्षद एवं महिला मोर्चा की प्रदेश सचिव कमलेश मेहता ने कहा कि शिमला में कचरा उठाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चुनाव आचार संहिता लागू है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री और उनके सहयोगी केवल दिखावे और प्रचार में व्यस्त हैं। पूरे प्रदेश में चुनाव आचार संहिता लागू है, ऐसे में मुख्यमंत्री का इस प्रकार के कार्यक्रम में हिस्सा लेना सीधे तौर पर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश है।
उन्होंने चुनाव आयोग से मांग करते हुए कहा कि इस पूरे मामले पर संज्ञान लिया जाए और यह जांच की जाए कि कहीं सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग तो नहीं हो रहा है। भाजपा पार्षद ने कहा कि जिस योजना को बड़े प्रचार के साथ लांच किया गया है उसकी सच्चाई पहले ही दिन सामने आ गई है। इलेक्ट्रिक वाहन सड़क पर चलते-चलते बंद हो गए और धक्के लगाने पड़े। यह कांग्रेस सरकार की दिखावे की राजनीति का सबसे बड़ा उदाहरण है। करोड़ों रुपये खर्च कर लाई गई यह गाड़ियां न तो तकनीकी रूप से तैयार हैं और न ही इनके संचालन की कोई ठोस व्यवस्था दिखाई देती है।