कांग्रेस को मजबूत बनाकर ही आगामी वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में विरोधी दल भाजपा को टक्कर दी जा सकती है। प्रभारी रजनी पाटिल ने राजीव भवन में पार्टी के जिला पदाधिकारियों, पूर्व विधायकों और पूर्व जिलाध्यक्षों की नब्ज टटोलने को आमंत्रित किया था ताकि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के असली कारणों तक पहुंचा जा सके।
शिमला शहरी के पूर्व विधायक, पूर्व जिलाध्यक्ष और महिला कांग्रेस के पदाधिकारियों ने प्रभारी से कहा कि शिमला शहरी का लोकसभा चुनाव में अन्य विधानसभा क्षेत्रों से बेहतर प्रदर्शन रहा है। लोकसभा चुनाव से पहले बागियों की घर वापसी के कारण भी लोगों में अच्छा संदेश नहीं गया। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में शिमला में 9500 की लीड थी जबकि इस बार लीड 10630 थी। हार का अंतर पिछली बार से 1130 है जबकि अन्य विधानसभा क्षेत्रों में लीड काफी ज्यादा है।