हादसे में घायल बस परिचालक गोपाल
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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में हुआ भीषण हादसा कई परिवारों को जीवन भर का दर्द दे गया। हादसे में कई घरों के चिराग बुझ गए हैं। मृतकों के परिजन रोते-विलखते रहे। उन्हें रिश्तेदार और ग्रामीण ढांढस बंधाते रहे। हादसे में 12 लोगों की मौत हुई है, जबकि तीन लोग घायल हुए हैं। चालक महेंद्र सिंह, परिचालक गोपाल ओर एक यात्री घायल हैं। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में भर्ती परिचालक गोपाल ने कहा कि उन्हें पता ही नहीं चला कि अचानक यह सब क्या हो गया। मौत के मुंह से बाहर आया हूं। इसके लिए भगवान का शुक्रगुजार हूं।
बस अचानक मिट्टी से फिसल गई। बस में 12 से 15 लोग सवार थे। सब इतना जल्दी हुआ कि खुद को बचाने का भी मौका नहीं मिला। बस का परिचालक छुट्टी पर था। इस बस में उसकी जगह ड्यूटी देने के लिए आया था। जंगला गांव के पास बस मलबे में स्किड हो गई और सड़क से नीचे चली गई। परिचालक ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि जान बच गई। सोचा न था कि बस दुर्घटनाग्रस्त होगी। जिन लोगों की मौत हुई है, उनका दर्द जिंदगी भर सताता रहेगा।
सड़क का डंगा धंसना भी हादसे कारण
बता दें कि सैंज के शैंशर में सुबह 08:30 पर एक निजी बस दुर्घनाग्रस्त हुई। हादसे का कारण बस के स्किड़ होने के साथ-साथ सड़क का डंगा धंसना भी बताया जा रहा है। रविवार रात को हुई बारिश के कारण हादसे वाली जगह में भूस्खलन हुआ था। जिससे मलबा व पत्थर सड़क पर आ गया। सुबह जब बस कुल्लूू की आरे आ रही थी तो बस पहले मलबे में स्किड हो गई और डंगा धंसने के साथ नीचे गिर कर दूसरी सड़क पर पहुंच गई। हालांकि इससे पहले यहां से दो से तीन बसें निकल चुकी थीं, लेकिन मलबा आने के कारण सड़क भी तंग हो गई है।