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Hamirpur News: भविष्य को लेकर चिंतित चयन आयोग कर्मचारियों ने बुलंद की आवाज

Tue, 21 Mar 2023 07:21 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर

सार

कर्मचारी चयन आयोग के पूर्व कर्मचारी आयोग भंग होने के बाद अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। चयन आयोग में ताला लगने के बाद यहां के करीब 61 कर्मचारी दर-दर ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
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चयन आयोग कर्मचारियों ने बुलंद की आवाज - फोटो : संवाद
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हिमाचल कर्मचारी चयन आयोग के पूर्व कर्मचारी आयोग भंग होने के बाद अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। चयन आयोग में ताला लगने के बाद यहां के करीब 61 कर्मचारी दर-दर ठोकरें खाने को मजबूर हैं। कर्मचारियों को फरवरी माह का वेतन अभी तक नहीं मिला है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी वित्तीय लाभ नहीं मिल रहे। आगामी समय में भी आयोग के कई कर्मचारी सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इस कड़ी में मंगलवार को चयन आयोग हमीरपुर के बाहर सभी कर्मचारी एकत्रित हुए और पेश आ रही समस्याओं को लेकर बैठक की।

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बैठक में कर्मचारियों ने सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार से पूछा कि उन्हें वेतन और अन्य वित्तीय लाभ आखिर क्यों नहीं दिए जा रहे हैं? वे किसे रिपोर्ट करें, कहां जाएं? रोजाना दफ्तर के बाहर धूप और बारिश में खड़े होकर उनकी यह बेवजह की ड्यूटी कब तक जारी रहेगी। आयोग की कर्मचारी यूनियन के महासचिव जोगिंद्र सिंह की मौजूदगी में सभी कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि उन्हें अभी तक फरवरी माह का वेतन मिला नहीं है। मार्च भी अब खत्म हो रहा है। सेवानिवृत्ति के बाद लोगों को न पेंशन का लाभ मिल रहा और न ही अन्य वित्तीय लाभ दिए जा रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे हर रोज चयन आयोग के बाहर एकत्रित होते हैं, लेकिन किसे रिपोर्ट करनी है? किसके अधीन में काम कर रहे हैं? इस बारे में कोई भी आदेश नहीं आ रहे। जिनकी पदोन्नति होनी है, वे भी असमंजस में हैं।

कोई भी अधिकारी उनका फोन नहीं उठाता। कार्मिक विभाग से बात करें तो वहां से यही जवाब मिलता है कि सरकार को चिट्ठी लिखी गई है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि असमंजस वाली स्थिति सामान्य हो पाए। जिन कर्मचारियों की वजह से आयोग की साख को बट्टा लगा है, केवल उन्हें सजा दी जाए। अन्य कर्मचारियों को बेवजह परेशान न किया जाए, ताकि ईमानदारी से काम करने वाले कर्मचारियों का हौसला बना रहे। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद चयन आयोग को बहाल किया जाए। ताकि निचले हिमाचल के आठ जिलों के युवाओं को नौकरी के लिए शिमला के चक्कर न काटने पड़ें। वहीं आयोग के माध्यम से आयोजित होने वाले दर्जनों पोस्ट कोड की भर्तियों की प्रक्रिया बहाल हो सके।
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