शिक्षक संघ ने कहा है कि बोर्ड की एक मार्च को जारी अधिसूचना में दस साल से कार्यरत शिक्षक को मुख्य निरीक्षक लगाने की बात कही गई है। अधिसूचना में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि नियमित शिक्षक ही मुख्य निरीक्षक बनाए जा सकते हैं।
ऐसे में बीते रोज बोर्ड ने आउटसोर्सिंग पर नियुक्त शिक्षकों को मुख्य निरीक्षक न बनाने की अधिसूचना जारी कर शिक्षकों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि बोर्ड के दोहरे मापदंड के चलते शिक्षकों ने परीक्षा मूल्यांकन का बहिष्कार करने का फैसला लिया है।
उच्च शिक्षा निदेशालय सहित स्कूल शिक्षा बोर्ड को इस बाबत सूचित कर दिया गया है। जब तक बोर्ड की अधिसूचना वापस नहीं होगी और वेतन जारी नहीं होगा। तब तक परीक्षा मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।