प्रदेश सरकार जब तक कंप्यूटर शिक्षकों की मांगे नहीं मानते है तब तक यह शिक्षक सरकारी स्कूलों में सेवाएं नहीं देंगे। शुक्रवार को बिलासपुर के प्यारे लाल, दीपक और अरविंद ने क्रमिक अनशन पर बैठकर विरोध जताया। शिक्षकों का कहना है कि हिमाचल में 2001 से कंप्यूटर शिक्षा शुरू हुई है। तब से लेकर आज तक शिक्षकों के लिए कोई पालिसी नहीं बनाई गई।
कंप्यूटर शिक्षकों के क्रमिक अनशन पर बैठे हुए एक महीने से ज्यादा समय हो गया है। कंप्यूटर शिक्षक घर व स्कूल छोड़कर चौड़ा मैदान में क्रमिक अनशन पर बैठे हुए हैं। लेकिन प्रदेश सरकार ने अभी तक इसकी सुध नहीं दी। अब शिक्षकों ने अमरण अनशन की धमकी दी है।
कंप्यूटर शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष जगदीश शर्मा और महासचिव अश्वनी शर्मा ने कहा कि विरोध के बावजूद भी प्रदेश सरकार ने कंप्यूटर शिक्षा ठेके पर दी है। कंप्यूटर शिक्षक को बार बार आश्वासन दिए जाने के बाद भी पालिसी नहीं बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी पहले से ही शिक्षकों के साथ अन्याय कर रही है।
तनख्वाह तक नहीं दी जा रही। कंपनी लगातार शिक्षकों का शोषण कर रही है। तनख्वाह की बात की जाए तो कंपनी के अधिकारी सरकार तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बात करने को कहते हैं। कंप्यूटर शिक्षक 15 साल से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं।