भले ही सरकार हिमाचल की नन्हीं उड़नपरी बख्शो देवी की विधवा मां विमला देवी को अभी तक सामाजिक सुरक्षा पेंशन न लगा पाई हो, लेकिन इस गरीब परिवार की मदद के लिए सामाजिक सरोकार से जुड़े लोगों का दिल जरूर पसीजा है। शिमला के समाजसेवी केके जैन ने इस गरीब परिवार की मदद के लिए हाथ बढ़ाए हैं।
‘अमर उजाला’ में प्रकाशित खबर पढ़ने के बाद उन्होंने ऊना जिले के ईसपुर की नन्हीं उड़नपरी बख्शो देवी की विधवा मां विमला देवी को हर माह 500 रुपये पेंशन देने का एलान किया है। पंजाब नेशनल बैंक शिमला से बतौर वरिष्ठ प्रबंधक रिटायर हुए केके जैन ने कहा कि वे विमला देवी को तब तक यह पेंशन जारी रखेंगे, जब तक सरकार की ओर से विमला देवी को पेंशन नहीं मिलती। बेशक, इसमें कितना भी समय क्यों न लगे।
सरकारी तंत्र और सियासतदान बेशक एक विधवा को पति के गुजरने के दस साल बाद भी सामाजिक सुरक्षा पेंशन न लगवा सके हैं, लेकिन शिमला के समाजसेवी केके जैन ने मदद के लिए आगे आए हैं। समाजसेवी केके जैन ने बताया कि सरकारी स्तर पर उपेक्षा की खबर ‘अमर उजाला’ में पढ़कर उन्होंने यह निर्णय लिया है।
कहा कि पहले भी होनहार बेटी बख्शो देवी की खबरें पढ़ी हैं। केके जैन समाजसेवा से जुड़े कार्यों में अग्रणी रहते हैं। उनके सहयोगी नवीन गुप्ता ने ‘अमर उजाला’ से बताया कि जैन सभा भी इस गरीब परिवार और होनहार बेटी बख्शो की मदद के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि इस परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी।