केंद्र सरकार की विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के आवेदनों में गलतियाें की जांच के लिए शिक्षण संस्थानों में कमेटियां बनाई जाएंगी। कॉलेज प्रिंसिपलों और जिला उपनिदेशकों की देख-रेख में बनाई जाने वाली कमेटियां हर सरकारी और निजी संस्थानों के दस फीसदी आवेदनों की जांच करेंगी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने सोमवार को पत्र जारी कर शैक्षणिक सत्र 2023-24 के आवेदनों की 23 मार्च, 2024 तक जांच पूरी करने के निर्देश जारी किए हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि कॉलेज स्तर पर प्रिंसिपल की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी। इसमें तीन सदस्य शिक्षण क्षेत्र से और एक सदस्य को तकनीकी क्षेत्र से शामिल किया जाएगा।
उपमंडल के तहत आने वाले सरकारी और निजी कॉलेजों व विश्वविद्यालयों के दस फीसदी आवेदनाें की यह कमेटी जांच करेगी। किसी कॉलेज में स्थायी प्रिंसिपल नियुक्त नहीं है, ताे कार्यवाहक प्रिंसिपल की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी। स्कूलों की ओर से होने वाले आवेदनों की जांच के लिए उपनिदेशक निरीक्षण की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। दोनों कमेटियों को आवेदनों की जांच करने के लिए 26 मार्च तक अपनी रिपोर्ट निदेशालय में देने को कहा गया है। शिक्षा निदेशक ने बताया कि केंद्र सरकार की छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत होने वाले आवेदनों में कई गलतियां पाई जा रही हैं। इस कारण पात्र विद्यार्थी कई बार छात्रवृत्ति प्राप्त करने से भी छूट जा रहे हैं। इस स्थिति को ठीक करने के लिए आवेदनों की जांच करने का फैसला लिया गया है।