कर्मचारियों के हाथ लगी निराशा : मामराज
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पूर्व प्रांत महामंत्री डॉ. मामराज पुंडीर ने कहा कि हिमाचल दिवस पर भी कर्मचारियों के हाथ निराशा ही लगी है। जब से हिमाचल में यह सरकार बनी है, आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला। आज प्रदेश के कर्मचारियों की येलेरी केंद्र और पंजाब से पंद्रह हजार रुपये कम है। हिमाचल प्रदेश में कर्मचारी महंगाई में पिस चुका है, अब हमने सरकार से उम्मीद लगाना छोड़ दिया है।
हिमाचल दिवस पर कर्मियों और पेंशनरों को किया निराश : गुलशन
रिकांगपियो किन्नौर में 15 अप्रैल को मनाए गए हिमाचल दिवस पर वित्तीय देनदारियों की घोषणा न करके मुख्यमंत्री ने एक फिर कर्मचारियों और पेंशनरों को निराश किया है। यह बात हिमाचल प्रदेश पेंशनभोगी संघ के प्रदेशाध्यक्ष एलआर गुलशन ने कही। उन्होंने कहा कि विगत दिनों मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उनसे मिलने गये विभिन्न पेंशनर संगठन के नेताओं को दस दिन के भीतर बुलाकर उनकी वित्तीय देनदारियों के शीघ्र भुगतान का आश्वासन दिया था। लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी मुख्यमंत्री ने न तो पेंशनर नेताओं को चर्चा के लिए बुलाया और न ही हिमाचल दिवस पर उनकी वित्तीय देनदारियों के भुगतान को लेकर कोई घोषणा की। प्रदेश उपाध्यक्ष खुशहाल चंद नेगी, एसपी सागर, सुरेश कुमार शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष (महिला विंग) लीला डोगरा, चिंतपूर्णा शर्मा, संगठन सचिव मनोरमा डोगरा, जिला कुल्लू के अध्यक्ष दयाल सिंह ठाकुर,तेज सिंह ठाकुर,ओंकार दत्त शर्मा, नील चंद व नारायण सिंह चौहान ने कहा कि अब तो पेंशनर भी अपनी वित्तीय देनदारियों को मांगती बार शर्मिंदा हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सुक्खू सरकार को सत्ता में आये करीब चार साल हो गये हैं। लेकिन पेंशनरों की जायज वित्तीय देनदारियों का अभी तक भुगतान नहीं किया गया। गुलशन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने एक महीने के अंदर यू टर्न लेकर वेतन कटौती को बहाल करके केवल अफसरशाही को ही खुश किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार वित्तीय देनदारियों को अनावश्यक रूप से टाल कर पेंशनरों और कर्मचारियों में अपनी विश्वसनीयता खो रही है। जिसका असर अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में निश्चित रूप से दिखने वाला है।