जैसे ही कर्नल तेजेंद्र सिंह के बलिदान की खबर उनके घर एवं गांव पहुंची तो माहौल गमगीन हो गया। कर्नल तेजेंद्र सिंह 15 कुमाऊं रेजीमेंट में सीओ के पद पर राष्ट्रीय राइफल बड़गांव श्रीनगर में तैनात थे। इन्होंने दिल्ली से श्रीनगर हवाई मार्ग से जाना था, लेकिन उससे पहले ही उनको हार्ट अटैक आ गया और उनका देहांत हो गया। सोमवार रात को उनका शव पैतृक गांव पहुंचा। आकस्मिक निधन के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। कर्नल तेजेंद्र सिंह अपने पीछे एक बेटा, एक बेटी और पत्नी छोड़ गए हैं। उनका एक बड़ा भाई भी है।
लौंगणी पंचायत की प्रधान मीना देवी और उपप्रधान पृथी सिंह, पूर्व प्रधान देशराज ने बताया कि तेजेंद्र सिंह नेक दिल इंसान थे और युवाओं को भी देश सेवा के लिए प्रेरित करते थे। नशे से दूर रहने के लिए युवाओं को खेेलों से जोड़ने का कार्य करते थे। ड्यूटी से छुट्टी लेकर घर आने पर युवाओं के साथ संवाद होता था। यही वजह थी कि उनके निधन की खबर लगते ही पूरे इलाके में शोक की लहर है। कर्नल तेजेंद्र सिंह के पिता रूप चंद भी कर्नल के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। परिवार देश की सरहद की सेवा में समर्पित रहा है। इस मौके पर स्थानीय विधायक चंद्रशेखर, भाजपा नेता रजत ठाकुर, नरेंद्र अत्री, एसडीएम धर्मपुर जोगिंद्र पटियाल, थाना प्रभारी धर्मपुर विनोद कुमार आदि मौजूद रहे।