राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की एक छात्रा की मौत, रैगिंग और यौन उत्पीड़न के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय धर्मशाला ने आरोपी प्रोफेसर और छात्रा को राहत देते हुए उनकी अग्रिम जमानत याचिकाएं मंजूर कर ली हैं। यह आदेश जिला एवं सत्र न्यायाधीश चिराग भानु सिंह की अदालत ने सुनाया है। न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत स्टेटस रिपोर्ट में जांच एजेंसी ने बताया कि अब तक की जांच में फोन डाटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, कॉलेज उपस्थिति, मेडिकल बोर्ड की राय, उच्च शिक्षा निदेशालय की जांच रिपोर्ट, पॉलीग्राफ और अन्य वैज्ञानिक परीक्षणों के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस-विश्वसनीय साक्ष्य सामने नहीं आया है।