जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति में न्यूनतम पारा माइनस 25 डिग्री पहुंच गया है। कड़ाके की ठंड से चंद्रभागा नदी की धारा ठोस बर्फ में तबदील हो गई है। रविवार की रात लाहौल में सीजन की सबसे ठंडी रात रही। घाटी में धूप खिलने के बाद पहाड़ों से हिमखंड गिरने का खतरा अब भी बरकरार है।
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति में न्यूनतम पारा माइनस 25 डिग्री पहुंच गया है। कड़ाके की ठंड से चंद्रभागा नदी की धारा ठोस बर्फ में तबदील हो गई है। रविवार की रात लाहौल में सीजन की सबसे ठंडी रात रही। घाटी में धूप खिलने के बाद पहाड़ों से हिमखंड गिरने का खतरा अब भी बरकरार है। मौसम खुलने बाद सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने घाटी के भीतर केलांग-दारचा, केलांग-अटल टनल नॉर्थ पोर्टल तक जाने वाली सड़क बहाली का काम तेज कर दिया है। बीआरओ के 70 आरसीसी ने सितिंगरी से कारगा जीरो प्वाइंट तक सड़क खोल दी है।
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94 आरसीसी ने कारगा उदयपुर के बीच बर्फ हटाने का काम पूरा कर लिया है। सिस्सू से अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल तक सड़क से बर्फ हटा दी गई है। नॉर्थ पोर्टल के समीप पीर पंजाल की चोटी से हिमखंड खिसकने से बर्फ सड़क मार्ग तक पहुंच गई, जिसे हटाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी है। उल्लेखनीय है कि बीते सोमवार को दोपहर बाद दारचा पुल के समीप पहाड़ी से हिमखंड गिरकर भागा नदी के सहायक नाले में जा गिरा था। जहां हिमखंड खिसका है, वहां से हिमाचल का सबसे लंबा दारचा पुल कुछ ही दूरी पर है। लेकिन हिमखंड पुल तक नहीं पहुंच सका। ग्रामीणों ने हिमखंड गिरने का वीडियो बना कर सोशल मीडिया में अपलोड किया है जो वायरल हो गया है। दारचा के पटवारी राकेश ने बताया कि हिमखंड गिरने से किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है।