मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधानसभा के बजट सत्र में कार्रवाई पर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ स्थित गवर्नमेंट एनालिस्ट की तैयार हरियाणा और जम्मू में लिए सीरप के नमूनों की रिपोर्ट सोमवार को सरकार को मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद सहायक औषधि नियंत्रक की ओर से कंपनी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज करवाया है।
जांच तक कंपनी का उत्पाद लाइसेंस भी निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 15 फरवरी को औषधि नियंत्रक जम्मू कश्मीर से ई मेल से जानकारी मिली थी कि कंपनी के सीरप बैच संख्या 5201 में डाईथिलेन ग्लाइकोल के कारण बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। औषधि निरीक्षक नाहन की ओर से लिए सीरप के पांच नमूनों के परिणाम आने बाकी हैं।
राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मारवाह ने बताया कि हरियाणा और जम्मू कश्मीर से जो दवा के सैंपल लिए थे, उनकी रिपोर्ट आने के बाद उक्त उद्योग के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। विभाग ने सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज करवाया है। जिसमें दस वर्ष से लेकर उम्र कैद की सजा का प्रावधान है। उधर, एसपी अजय कृष्ण शर्मा ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।