सुक्खू ने प्रभावित परिवारों के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला आनी में रहने, खाने-पीने और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि अस्थायी शिविर में रहने वालों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को कुल्लू जिले के आपदाग्रस्त क्षेत्र आनी का दौरा किया और भूस्खलन से क्षतिग्रस्त भवनों का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत की और कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार उनके साथ है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला आनी में रहने, खाने-पीने और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि अस्थायी शिविर में रहने वालों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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मुख्यमंत्री ने प्रशासन और स्थानीय लोगों से भूस्खलन के कारणों की जानकारी भी हासिल की। उन्होंने संबंधित विभागों को राष्ट्रीय राजमार्ग पर गिरे भवनों के मलबे को नियंत्रित तरीके से उठाने और खतरे की जद में आए भवनों को खाली करवाने को कहा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह असुरक्षित घरों को खाली कर दें और राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे दिशा-निर्देशों की पालना करें। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आनी उपमंडल के संपर्क मार्गों को जल्द बहाल करने के निर्देश दिए, ताकि बागवानों को अपनी फसल मंडियों तक पहुंचाने में कोई दिक्कत पेश न आए।
सुक्खू ने कहा कि आनी उपमंडल में इस मानसून के मौसम में अभी तक 27 भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जबकि 87 भवनों को आंशिक रूप से नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त सरकारी और निजी संपत्ति को भी काफी क्षति हुई है। इस मौके पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक लोकेंद्र कुमार, उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग, पंकज परमार, राम सिंह मियां और यूपेंद्र कांत मिश्रा सहित अन्य मौजूद रहे।