हिमाचल को विशेष श्रेणी का दर्जा दिलाने के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा है। एक और रिमाइंडर भेजकर सीएम ने हिमाचल को इसका हक दिलाने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने केंद्र से प्रायोजित योजनाओं के वित्तपोषण के लिए 90:10 का अनुपात बहाल करने को भी कहा है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के विश्वस्त सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह केंद्र की मोदी सरकार के समक्ष इस मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं। सीएम ने इस बारे में पहले भी अनेक बार केंद्र सरकार को पत्र भेजे। दरअसल, केंद्र सरकार ने दर्जनों केंद्रीय योजनाओं में वित्तपोषण पर हाथ खड़े कर लिए हैं।
जो योजनाएं 90:10 के केंद्र और राज्य के अनुपात से वित्तपोषित की जा रही थीं, उनके इस अनुपात में कटौती कर दी गई है। अलग-अलग योजनाओं में इस अनुपात को 50:50 या इससे भी कम या शून्य कर दिया गया है।
aविश्वस्त सूत्रों ने बताया कि सीएम की ओर से भेजे गए पत्र में यह कहा गया है कि हिमाचल की भौगोलिकता और परिस्थितियों को देखते हुए इसे विशेष श्रेणी का दर्जा दिलाए जाने की जरूरत है। इसे पूर्वोत्तर राज्यों की तर्ज पर ही दिलाया जाना चाहिए। इसी से हिमाचल प्रदेश विकास के पथ पर अग्रसर हो सकेगा।