बर्फबारी के बाद से प्रभावित चल रहे जन जीवन को पटरी पर लाने के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सभी विभागों के आला अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। बैठक में सीएम ने व्यवस्था अब तक दुरुस्त न होने पर नाराजगी भी जताई। साथ ही अफसरों को युद्घस्तर पर काम कर हालात सामान्य करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बर्फबारी से प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों, विद्युत व जल आपूर्ति की बहाली के लिए 25 करोड़ रुपये तत्काल जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सोमवार को विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश में भारी बर्फबारी से प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, विद्युत, पेयजल तथा आवश्यक वस्तुओं की स्थिति के लिए समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
अफसरों को लगाई फटकार, पेयजल आपूर्ति सुचारू करने पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला प्रदेश की राजधानी है और यहां बेहतर जन सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए सरकार की विभिन्न एजेंसियों को तैयार रहना चाहिए। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को मंगलवार शाम तक राजधानी तथा प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में जल्द से जल्द विद्युत आपूर्ति सामान्य करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही हर हाल में पानी की सप्लाई लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था करने को भी कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता पड़ती है जो जरूरत के मुताबिक और धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इन विभागों के अधिकारियों व कर्मचारी जो अवकाश पर हैं, यदि आवश्यकता हुई तो उनका अवकाश रद्द किया जा सकता है।
बच्चे की मृत्यु के मामले में लिया कड़ा संज्ञान
इसके साथ ही सीएम ने गत दिनों कमला नेहरू अस्पताल में एक बच्चे की मृत्यु के मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए जांच के भी निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में प्रयोग किए जा रहे जनरेटरों की तुरंत मरम्मत या उन्हें बदलने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव तरुण श्रीधर, नरेंद्र चौहान, डा. श्रीकांत बाल्दी तथा मनीषा नंदा, प्रधान सचिव जगदीश चंद्र शर्मा, डीजीपी संजय कुमार, नगर
निगम शिमला के आयुक्त पंकज राय, विशेष सचिव डीडी शर्मा, लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरिंग-इन-चीफ, विद्युत विभाग के प्रबंध निदेशक, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अभियंता, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक शिमला तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।