हिमाचल के सिरमौर जिले के सराहां इलाके में एक खूंखार तेंदुआ पेड़ के फंदे (पेड़ की दो टहनियों के बीच) में फंस गया। लगभग 12 घंटे तक तेंदुआ फंदे से निकलने की कोशिश करता रहा, लेकिन कामयाब नहीं हो सका। अंतत: शिमला से आई वन्य प्राणी विभाग की स्पेशल टीम ने उसे सकुशल निकाला। प्राथमिक उपचार के बाद तेंदुए को शिमला ले जाया गया है।
बताया जा रहा है कि तेंदुआ कुत्ते का शिकार करने आया था। गांव में एक कुत्ते को शिकार भी बनाया, लेकिन लौटते वक्त शायद पेड़ के फंदे में फंस गया। सोमवार तड़के करीब चार बजे ग्रामीणों ने तेंदुए के दहाड़ने की आवाज सुनी, लेकिन खौफ के चलते कोई बाहर नहीं निकला।
भौर हुई तो लोग कामकाज के लिए खेतों की ओर निकले। लगभग 8:30 बजे लोगों ने तेंदुए को पेड़ में फंसा देखा। देखते ही देखते वहां ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। वन विभाग को भी सूचित किया गया। वन विभाग के अनुसार उन्हें करीब 10:15 पर सूचना मिली थी। इसके बाद शिमला के टुटू संपर्क किया गया।
कुत्ते का शिकार करने आया था तेंदुआ
दोपहर करीब 3 बजे शिमला से वन्य प्राणी विभाग की स्पेशल टीम पहुंची। इसके बाद करीब पौने घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। टीम ने ट्राइंकोलाइजर गन से तेंदुए को बेहोश किया और पेड़ के फंदे से छुड़ाया। इसके बाद बाकायदा उसका उपचार किया गया। तेंदुआ करीब 12 घंटे तक फंदे से फंसा रहा। पौने तीन घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उसे सकुशल निकाल लिया गया।
बनी बखैली पंचायत के चढ़यार गांव के लोगों के मुताबिक तेंदुआ मध्य रात्रि गांव की तरफ आया था। सुबह करीब चार बजे उसके दहाड़ने की आवाजें आईं। खौफ के चलते ग्रामीण बाहर नहीं निकले। एक घर के समीप खेत में टमाटर के सीजन के बाद लगी तार इकट्ठी करके खैर के पेड़ में रखी हुई थी। इसमें वह फंस गया।
खेमदत्त, अनंत राम, कमल किशोर, लेखराज, हरी दत्त, देवेंद्र, पिंका, देशराज, रामस्वरूप, रामकिशन आदि ने कहा कि तेंदुआ सुबह करीब चार बजे गांव में घुसा और उसके दहाड़ने की आवाज आई। घर के समीप होने से कोई बाहर नहीं आया। ग्रामीणों के अनुसार सुबह ढंगयार गांव में रोणकी राम के घर पर उनके कुत्ते पर हमला किया गया, उन्होंने कुत्ते को तेंदुए से बचा लिया। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह वहीं तेंदुआ था।
तेंदुआ शिमला ले जाया गया: आरओ
आरओ सराहां अमर सिंह ने बताया कि लोगों ने इसकी सूचना दी थी। इसके बाद शिमला के टुटू संपर्क किया गया। बताया कि ढंगयार बीट प्रभारी बलदेव सिंह और चांडोग बीट प्रभारी सिरमौर सिंह को मौके पर भेजा गया था।
शिमला से आई रेस्क्यू टीम में वाइल्ड लाइफ के डॉ. संदीप रतन और उनकी टीम ने सोमवार शाम करीब चार बजे तेंदुए को निकाला। उन्होंने बताया कि प्राथमिक उपचार के लिए उसे पिंजरे में डालकर शिमला ले जाया गया।