फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकार और संगठन में चल रही खींचतान पर सीएम वीरभद्र का तीखा हमला

Thu, 10 Aug 2017 12:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला/कांगड़ा
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकार और संगठन में चल रही खींचतान को लेकर बयानबाजी पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने तीखा हमला बोला है। मटौर में डिग्री कॉलेज भवन की आधारशिला रखने के बाद अनौपचारिक बातचीत में प्रदेशाध्यक्ष का नाम लिए बिना वीरभद्र सिंह ने कहा कि- उनका व्यक्तित्व ऐसा है, जो उनको सीमित रखता है।
विज्ञापन


सीएम बोले- मुझे यकीन है कि वे पढ़े-लिखे हैं। लॉ ग्रेजुएट हैं। वह भी जानते होंगे कि हिमाचल में क्या विकास हुआ है। कार्यक्रम में जिला और ब्लॉक कांग्रेस के कुछ नेताओं की गैर मौजूदगी पर सीएम ने ठहाका लगाते हुए कहा कि जनता तो उनके साथ है।

छोटे-मोटे लीडर नहीं आए तो क्या फर्क पड़ता है। उन्होंने कहा कि बिना चुनाव के कोई संगठन मजबूत हो ही नहीं सकता। किसी को मनोनीत करके कोई संगठन मजबूत नहीं बन सकता। इसमें तो सिर्फ अपने यार दोस्तों को खुश कर सकते हैं, मगर जनभावनाओं को नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

गद्दी समुदाय को आहत करने वाला बयान नहीं दिया: सीएम

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती पर कथित रूप से गद्दी सभा के अध्यक्ष वाले बयान पर मचे बवाल के बाद धर्मशाला में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सफाई दी।

मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस धर्मशाला में पत्रकारों से अनौपचारिक वार्ता में कहा कि उन्होंने गद्दी समुदाय को आहत करने वाला कोई बयान नहीं दिया है।

यह कहा था कि भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती से बड़ा अध्यक्ष तो हमारे गद्दी बोर्ड का है। गद्दी कल्याण बोर्ड का गठन हमने ही किया था। इस समुुदाय के कल्याण के लिए हम हमेशा तत्पर रहे हैं। 

कंप्यूटर शिक्षकों के लिए पॉलिसी बना दी: सीएम
प्रदेश सरकार पर केंद्र की योजनाओं का झूठा श्रेय लेने के आरोप पर वीरभद्र सिंह ने नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल को घेरा। कहा कि जब धूूमल सीएम थे तो क्या उन्होंने हमीरपुर संसदीय के संसाधनों से ही काम किया।

जो भी सरकार होती है, उसका अपना बजट होता है। केंद्र और राज्य सरकार दोनों की योजनाओं को क्रियान्वित करने से विकास होता है।

लगता है धूमल साहब इस बात से अनभिज्ञ हैं। कहा कि कंप्यूटर शिक्षक कई वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। उनके लिए पॉलिसी बना दी है। पॉलिसी बनने से पढ़े-लिखे बेरोजगारों के साथ कोई भेदभाव नहीं हो रहा है। जो लोग क्वालिफाइड हैं, उन्हें ही लाभ मिल रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें