दो दिसंबर को भाजपा की घेराव की रणनीति पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने रविवार को धर्मशाला पहुंचते ही कटाक्ष किया। पुलिस ग्राउंड धर्मशाला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा उनको घेरने की कसरत कर रही है तो करती रहे।
खुद पर लगे आरोपों पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि अगर कोई दोषी पाया जाए, तभी दोष साबित होता है। मुझ पर कोई भी आरोप साबित नहीं हुआ है। अपने चिर परिचित अंदाज में मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘बुराई लाख बुरा चाहे तो क्या होता है, वही होता है जो मंजूर-ए खुदा होता है। इस पर माहौल ठहाकों से गूंज उठा।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने विपक्ष से तपोवन में शुरू होने जा रहे शीतकालीन सत्र के शांतिपूर्ण ढंग से चलने देने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि सदन में गंभीर चर्चाएं होती हैं। कभी-कभी विघटन भी होता है। लेकिन, हिमाचल की परंपरा रही है कि सदन हमेशा शांतिपूर्ण ढंग से चलता है। इस दौरान शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा भी मुख्यमंत्री के साथ रहे।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह रविवार दोपहर बाद करीब सवा तीन बजे हेलीकॉप्टर से धर्मशाला पहुंचे। वन निगम के उपाध्यक्ष केवल सिंह पठानिया, ओबीसी वित्त निगम के अध्यक्ष चंद्र कुमार, कांगड़ा से पूर्व विधायक सुरेंद्र काकू, धर्मशाला से कांग्रेस नेता मनोज कुमार आदि नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने भी हेलीकॉप्टर से हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन किया।