मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने चंबा मिंजर मेले के समापन समारोह में जाने से पहले नूरपुर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदेश कांग्रेस संगठन का सरकार से कोई तालमेल नहीं है।
कुछ कांग्रेसी विधायकों की ओर से प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर हाईकमान को लिखे पत्र को मुख्यमंत्री ने बेबुनियाद बताया। उन्होंने कुछ विधायकों के भाजपा में जाने की चर्चा को चुनावी प्रोपोगैंडा बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस को भाजपा से कोई खतरा नहीं है। प्रदेश कांग्रेस में मुठ्ठी भर लोग हैं, जो भाजपा की गोद में बैठकर पार्टी को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं। बावजूद इसके पार्टी एकजुट है और नुकसान पहुंचाने वालों को जल्द काबू कर लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने गुड़िया प्रकरण पर उनसे इस्तीफा मांगने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने सियासी रोटियां सेंकने के लिए इस प्रकरण को राजनीतिक रंग दिया।
इस अवसर पर उनके साथ नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक अजय महाजन, वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी, प्रदेश युकां अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह आदि मौजूद रहे।
नए जिलों की जरूरत नहीं
सोशल मीडिया पर अगस्त में नए जिलों के पुनर्गठन की अटकलों पर विराम लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सब झूठ है। प्रदेश में अभी कहीं भी नए जिलों के गठन की जरूरत नहीं है।
जनता की सहूलियत के लिए प्रदेश में नई तहसीलें, उप तहसीलें और नए एसडीएम कार्यालय खोले गए हैं।
भाजपा के पास सीएम की खिलाफत से सिवा नहीं कोई मुद्दा
नूरपुर (कांगड़ा)। प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि आगामी विस चुनावों में भाजपा के पास मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की खिलाफत के सिवा कोई दूसरा मुद्दा नहीं है। यही वजह है कि आए दिन भाजपाई किसी न किसी बहाने सीएम को घेरने की कोशिश करते हैं। लेकिन, उनके मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे।
रविवार को नूरपुर में लोनिवि के विस्राम गृह में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते प्रदेश युकां अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि जितने भी भाजपा के केंद्रीय मंत्री या वरिष्ठ नेता हिमाचल में आते हैं, उनके पास सिर्फ सिंगल प्वाइंट एजेंडा होता है वीरभद्र हटाओ प्रदेश बचाओ। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास विकास को लेकर कोई ऐसा मुद्दा नहीं जिस पर चुनाव लड़ा जा सके।
प्रदेश में कांग्रेस पार्टी में अंदर खाते एक चेहरे की बजाय सामूहिक रूप से चुनाव लडने की चल रही चर्चाओं के सवाल पर युकां अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव हमेशा किसी एक चेहरे को सामने रख कर ही लड़े जाते हैं, सामूहिक रूप से चुनाव का सुझाव हास्यपद है। उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान जिसे भी प्रदेश में पार्टी का चेहरा बनाए, लेकिन चेहरा एक होना चाहिए।
इस बावत वह पार्टी हाईकमान तथा प्रदेश कांग्रेस प्रभारी से मिलकर जल्द ही अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे। कोटखाई प्रकरण पर राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य सुषमा साहू के बयान जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री की पत्नी प्रतिभा सिंह पर पीड़ित परिवार पर सीबीआई की जांच न करवाने का दबाव का आरोप लगाया था।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि महिला आयोग की सदस्य ने प्रदेश में आकर ऐसा राजनीतिक बयान दिया, जोकि कड़े शब्दों में निंदनीय है। इस अवसर पर उनके साथ वन निगम के उपाध्यक्ष केवल सिंह पठानिया, एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव अमित पठानिया मौजूद रहे।