हिमाचल में सत्ता में वापसी की रणनीति बनाने में जुटी भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री संगठन रामलाल ने कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दिया। खेमेबाजी को विराम देने के लिए रामलाल ने व्यक्ति विशेष की निष्ठा छोड़ कार्यकर्ताओं को पार्टी निष्ठ बनने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के बूते पार्टी दुनिया का सबसे बड़ा संगठन है। कोई यह न सोचे कि बड़ा नाम होने से टिकट पक्का हो जाएगा। उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश की तरह जिताऊ प्रत्याशी को टिकट मिलेगा। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बताया।
रविवार को कार्यसमिति की बैठक के अंतिम दिन समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि रामलाल ने कहा कि भाजपा के लिए सत्ता प्राप्त करना मुख्य लक्ष्य नहीं है लेकिन सत्ता के सहारे जनता की सेवा करना प्रमुख लक्ष्य है। इसलिए ऐसी सरकार बनाई जाए, जो अगले 15 वर्षों तक हिमाचल में जनता की सेवा करती रहे।
उन्होंने कहा कि 50 प्लस के लक्ष्य को हासिल करना जरूरी है। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, जीएसटी के साथ गरीबों के लिए योजनाओं की भी चर्चा की। हिमाचल के संबंध में कहा कि प्रदेश के विकास और आम जन की सुरक्षा के लिए कांग्रेस सरकार को हटाना जरूरी है। इस दागदार सरकार की जगह बेदाग सरकार लाने के लिए लड़ाई लड़नी होगी।
पार्टी जिस भी कार्यकर्ता को टिकट तय करे, उसके साथ पूरी ताकत के साथ खड़ी हो जाए। कार्यकर्ताओं को चाहिए कि वे संकीर्ण मानसिकता को त्यागते हुए खुले मन से पार्टी के साथ अधिक से अधिक लोगों को जोड़ें। इस अवसर पर पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, सांसद शांता कुमार, अनुराग ठाकुर, विरेंद्र कश्यप, रामस्वरूप शर्मा सहित तमाम विधायक और पदाधिकारी मौजूद रहे।