शिक्षा विभाग में सामने आए करोड़ों रुपये के सामान खरीद घोटाले के मामले की मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं। वीरवार को सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने परचेज कमेटी की अनुमति बिना सामान खरीदने पर तल्खी दिखाई।
उन्होंने विभाग के उच्च अधिकारियों को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा बिना परचेज कमेटी की अनुमति के विभागों में कोई भी सामान नहीं खरीदा जा सकता। नियमों की कोताही बरतने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
उधर, इस मामले को लेकर वीरवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशक डा. राजकृष्ण परूथी से जानकारी जुटाई। संभावित है कि शुक्रवार को इस मामले पर सरकार बड़ा फैसला ले सकती है।
करोड़ों रुपये का सामान खरीदने का है मामला
प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने बिना परचेज कमेटी की अनुमति के करोड़ों रुपये का सामान खरीदने का मामला पकड़ा है। उपनिदेशकों के खिलाफ मिली शिकायतों के आधार पर विभाग ने मामले की प्रारंभिक जांच पूरी कर ली है। अभी तक की जांच में कुछ अधिकारियों की गलतियां सामने आई हैं।
प्रदेश में कुछ उपनिदेशकों पर बिना परचेज कमेटी की अनुमति के स्कूलों के लिए ग्रीन बोर्ड, कुर्सियां और डिजास्टर किट खरीदने का आरोप है। प्रदेश के कई जिलों में इस तरह से सामान खरीदा गया है। सामान की खरीद करीब दो करोड़ रुपये बताई जा रही है।